जैसलमेर के ऐतिहासिक सोनार दुर्ग क्षेत्र में हाल ही शुरू की गई आवाज रहित गोल्फ कार्ट सेवा अब हादसों की वजह बनती नजर आ रही है।
जैसलमेर के ऐतिहासिक सोनार दुर्ग क्षेत्र में हाल ही शुरू की गई आवाज रहित गोल्फ कार्ट सेवा अब हादसों की वजह बनती नजर आ रही है। गुरुवार को दुर्ग की संकरी और घुमावदार घाटी में एक गोल्फ कार्ट की बाइक से टक्कर हो गई। हालांकि इस दुर्घटना में बड़ा नुकसान टल गया, लेकिन इससे पर्यटकों और स्थानीय लोगों के हादसों का शिकार होने की आशंका बन गई है।
गौरतलब है कि इस सेवा के शिव मार्ग से अखे प्रोल तक संचालन के कई दिनों बाद हाल में उसका विस्तार दुर्ग के दशहरा चौक तक किए जाने के बाद राजस्थान पत्रिका में संभावित हादसों को लेकर चेतावनी दी गई थी। बिना आवाज के चलने वाली इन गोल्फ कार्ट के कारण सामने से आ रहे वाहन चालकों को समय रहते अंदाजा नहीं हो पाता, जिससे टकराव की स्थिति बन रही है। अब यह आशंकाएं हकीकत में बदलती दिख रही हैं। गौरतलब है कि दुर्ग की घाटियां घुमावदार हैं और दुपहिया चालक या पैदल चलने वालों के सामने एकदम से गोल्फ कार्ट आ जाती है। गुरुवार को इसी कारण सूरज प्रोल से निकलते गोल्फ कार्ट से बाइक के टकराने का हादसा हुआ।
दुर्ग के भीतर की घाटियां पहले से ही संकरी हैं और इनमें पैदल पर्यटक, बाइक व स्कूटर चलते हैं। ऐसे में गोल्फ कार्ट के जुडऩे से यातायात का दबाव और बढ़ गया है। खासकर मोड़ों और ढलानों पर दृश्यता कम होने से हर समय दुर्घटना का खतरा बना रहता है। स्थानीय गाइड और व्यवसायियों ने भी इस व्यवस्था पर चिंता जताई है। घटना के बाद स्थानीय लोगों ने प्रशासन से गोल्फ कार्ट संचालन के लिए सख्त नियम लागू करने की मांग की है। उनका कहना है कि कार्ट में चेतावनी ध्वनि, स्पीड लिमिट और तय रूट जैसी व्यवस्थाएं अनिवार्य की जानी चाहिए। साथ ही व्यस्त समय में इनके संचालन पर रोक लगाने पर भी विचार किया जाना चाहिए।