
- जिला अस्पताल के विकास कार्य 31 मार्च तक पूर्ण करवाने के निर्देश, नहरबंदी को ध्यान में रख पानी का करावें भण्डारण
जैसलमेर . जिला अस्पताल श्रीजवाहिर चिकित्सालय में चल रहे रंगरोगन व अन्य निर्माण कार्य जिला कलक्टर कैलाश चन्द मीना ने शीघ्र पूरा करवाने के निर्देश दिए। इस दौरान उन्होंने अधीक्षण अभियंता सार्वजनिक निर्माण को निर्देश दिए कि वे इन सभी कार्यों को 31 मार्च तक पूर्ण करवा दें। इसके साथ ही उन्होंने प्रमुख चिकित्सा अधिकारी व एनआरएचएम के सहायक अभियंता को कार्य प्रगति की प्रतिदिन रिपोर्ट पेश करने को कहा। उन्होंने 15 होमगार्ड स्वयंसेवक शीघ्र ही लगवाने व पुराना कबाड़ की तत्काल नीलामी करवाने को कहा। उन्होंने कलक्ट्रेट सभागार में पानी, बिजली एवं मौसमी बीमारी के साथ अन्य समसामयिक गतिविधियों की साप्ताहिक बैठक में यह निर्देश दिए।
उन्होंने संयुक्त निदेशक पशुपालन को निर्देश दिए कि जिस क्षेत्र में पशुओ में बीमारी है वहां पशु चिकित्सा टीम भेज समय पर उपचार करावें। उन्होंने पषुपालकों की समस्या समाधान व कल्याण के लिए संचालित योजनाओं, उन्नत पशु नस्ल सुधार आदि के संबंध में संयुक्त निदेशक को निर्देश दिए कि वे सप्ताह में 2 पंचायतों में पशु चौपालों का आयोजन करें। जलदाय विभाग के अधिकारियों को गर्मी ध्यान में रखते हुए पेयजल आपूर्ति सुचारू बनाएं रखने की बात कही। उन्होंने 29 मार्च से 35 दिन के लिए लागू हो रही नहरबन्दी को ध्यान में रखते हुए जलदाय विभाग के अधिकारियों को पानी का भण्डारण अभी से शरू करने को कहा। वहीं क्षेत्र में मोहनगढ, देवा के जलाशयो में पर्याप्त पानी स्टोरेज करने को कहा।
उन्होंने आयुक्त नगर परिषद को शहर की सफाई और अधिक सुचारू करने व आवारा पशुओं की धरपकड़ कर गोषाला भिजवाएं। उन्होंने अम्बेडकर की नई मूर्ति लगाने के निर्देश दिए।
अधिकारियों को दिए बाल विवाह रोकथाम के निर्देश
- बाल विवाह करवाने व उसमें शामिल होने वाले के लिए दण्डात्मक प्रावधान
जैसलमेर . जिले में आगामी 18 अप्रेल को अक्षय तृतीया, 29 अप्रेल को पीपल पूर्णिमा व अन्य अवसरों पर संभावित बाल विवाह रोकने को लेकर जिला कलक्टर ने निर्देश दिए हैं। जिला कलक्टर एवं जिला मजिस्टे्रट कैलाश चन्द मीना ने पुलिस अधीक्षक, मुख्य कार्यकारी अधिकारी जिला परिषद, उप खण्ड अधिकारी, तहसीलदार सहित अन्य अधिकारियों को निर्देशित किया है।
उन्होंने इसके लिए छोटे कस्बे व गांवों में बाल विवाह होने की पूर्व तैयारी की जानकारी गांवों में पदस्थापित ग्रामसेवक, पटवारी, एएनएम व शिक्षक आदि को हो जाती है। ऐसे में उन्हें निगरानी के लिए पाबंद करें।