जैसलमेर

हाळी अमावस्या के दिन किसानों ने हल चलाकर किया भूमि पूजन

पश्चिमी राजस्थान के किसानों का आपसी भाईचारे व सद्भाव का अक्षय तृतीया का पर्व शुक्रवार को हाळी अमावस्या के साथ शुरू हुआ।

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Apr 17, 2026

पश्चिमी राजस्थान के किसानों का आपसी भाईचारे व सद्भाव का अक्षय तृतीया का पर्व शुक्रवार को हाळी अमावस्या के साथ शुरू हुआ। इस मौके पर लोगों ने अपने घरों में गेहूं, बाजरे का खीच व मूंग-चावल का भोजन बनाकर सेवन किया और अच्छी बारिश व सुख समृद्धि के लिए एक-दूसरे को शुभकामनाएं दी। हाळी अमावस्या के दिन शुक्रवार को विशेषकर किसान वर्ग ने अपने खेतों में जाकर सूखे में हल चलाने की रस्म अदा की व धरती माता की पूजा कर अच्छी बारिश के लिए सुगन विचार किए। शुक्रवार को गांवों में जगह-जगह किसानों ने खीच का भोजन किया व एक-दूसरे को अक्षय तृतीया के पर्व की शुरुआत पर बधाइयां दी। उल्लेखनीय है कि पश्चिमी राजस्थान के किसानों का मुख्य पर्व अक्षय तृतीया है। रबी की फसल के खलिहानों में आ जाने के बाद किसानों की ओर से पर्व को हर्षोल्लास के साथ मनाया जाता है। हाळी अमावस्या के बाद आखाबीज व आखातीज का पर्व भी हर्षोल्लास के साथ मनाया जाएगा। इस मौके पर लोग गेहूं, बाजरी के आखे दानों को उबालकर उसका खीच, आखी बडिय़ों, ग्वार फलियों व काचरी की सब्जी बनाकर उसी भोजन का सेवन करते है।

किया खळ पूजन, शगुन में बताई अच्छी बारिश

लाठी. गांव सहित आसपास क्षेत्र में अक्षय तृतीया का पर्व शुक्रवार को शुरू हुआ और हाळी अमावस्या पर कई कार्यक्रम आयोजित किए गए। अमावस्या के मौके पर लोगों ने घरों में खळ पूजन किया। साथ ही अनाज का पूजन कर सुकाल के शगुन देखे। इस दौरान मंदिरों में भी श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ी और दान-पुण्य किया गया। गांव के सैन समाज सभाभवन में रियाण आयोजित की गई। इसमें बड़ी संख्या में लोगों ने भाग लिया। बुजुर्गों ने पानी से भरे कुल्हड़ों में पुष्प, सफेद व काली ऊन डालकर शगुन देखे। इसमें शगुन के अनुसार इस बार अच्छी बारिश होगी। इसके बाद सामुहिक भोज किया गया। इसमें सात अनाजों से बने खीच, गलवानी, ग्वार फली की सब्जी का सेवन किया। कार्यक्रम के दौरान शैतानाराम नाई, तनसुख देवड़ा, रमेशकुमार, महादान देवड़ा, दानाराम, नेमीचंद, ओमप्रकाश दर्जी, पुसाराम सैन, सलमानखां, जमालदीन, मोयबखां, कबीरखां, जलालखां, जेठूसिंह चौहान, बलवीरसिंह, खुशालाराम, बबलू, अंबालाल सैन, प्यारेलाल, रमण, जुगलकिशोर, दीपक पालीवाल, ओमप्रकाश सुथार, मिश्रीलाल, जगदीश टावरी आदि उपस्थित रहे। इसी प्रकार अमावस्या के मौके पर परंपरानुसार बच्चों की ओर से खेतों में हल चलाकर शगुन किए गए।

हाळी अमावस्या पर आगामी जमाने को लेकर देखे शगुन

हाली अमावस्या के अवसर पर बाबा रामदेव समाधि स्थल कचहरी परिसर में एक बैठक आयोजित हुई, जिसमें बाबा रामदेव वंशज गादी पती राव भोमसिंह तवर सहित तंवर समाज के लोगों सहित अन्य वर्ग के लोगों ने सामूहिक रूप से शिरकत की। प्रतिवर्ष की भांति इस वर्ष भी मानसून को लेकर शगुन रखे गए। इस अवसर पर समाधि स्थल परिसर में मौठ ज्वार बाजरा गेहूं की रखकर। इसके ऊपर पारंपरिक तरीके से इस बार मानसून कैसा रहेगा और बरसात से किसानों को क्या फायदा होगा... इसको लेकर सभी लोगों ने अपने-अपने तरीके से शगुन रखे। बाबा रामदेव वंशज राव भोमसिंह तवर ने सभी उपस्थित लोगों को हाळी अमावस्या की शुभकामनाएं दी। इस अवसर पर सभी लोगों ने बाबा रामदेव की समाधि के दर्शन कर विशेष रूप से पूजा अर्चना की। प्रतिवर्ष हाली अमावस्या को लेकर घर-घर में साबूत अन्न का खींच बनाया जाता है और उसका सेवन सामूहिक रूप से किया जाता है। इस पर्व को लेकर सुबह से ही सभी लोगों में उत्साह देखने को मिला। सभी किसान वर्ग के लोगो सहित अन्य जनो ने बाबा रामदेव समाधि स्थल पर पहुंचकर बाबा की समाधि की दर्शन कर किसानों का महापूर्व हाली अमावस्या की एक दूसरे को बधाई व शुभकामनाएं भी प्रेषित की। इस अवसर पर महंत जगन्नाथ महराज सहित कई गणमान्य लोग उपस्थित रहे।

Published on:
17 Apr 2026 08:46 pm
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