जैसलमेर जिला मुख्यालय पर वर्ष के अंतिम दिन बिजली आपूर्ति व्यवस्था डगमगाती रही। बुधवार को शहर व आसपास के इलाकों में दिन-भर बिजली की आवाजाही का दौर चलता रहा।
जैसलमेर जिला मुख्यालय पर वर्ष के अंतिम दिन बिजली आपूर्ति व्यवस्था डगमगाती रही। बुधवार को शहर व आसपास के इलाकों में दिन-भर बिजली की आवाजाही का दौर चलता रहा। कभी 10-15 मिनट तो कभी आधे-एक से दो घंटे तक आपूर्ति बाधित होने से आमजन, व्यापारी और सैलानी सभी परेशान नजर आए। सर्द मौसम में बिजली कटौती ने लोगों की मुश्किलें और बढ़ा दीं। अलसुबह से ही कई क्षेत्रों में अघोषित कटौती शुरू हो गई। सोनार दुर्ग क्षेत्र, शिव मार्ग, गोपा चौक, पंसारी बाजार, मोकाती पाड़ा, अम्बेडकर कॉलोनी, कलाकार कॉलोनी सहित अनेक मोहल्लों में बिजली बार-बार गुल होती रही। कई जगह वोल्टेज कम रहने की भी शिकायतें सामने आईं, जिससे इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों को नुकसान का खतरा बना रहा। दुकानों और प्रतिष्ठानों में कामकाज प्रभावित हुआ, वहीं घरों में हीटर, गीजर और अन्य आवश्यक उपकरण नहीं चल पाए। जानकारी के अनुसार सुबह शहर के भीतरी भाग में खंभे में करंट आने के कारण शटडाउन लिया गया। लेकिन यह दिक्कत बाद में दोपहर से लेकर शाम तक भी जारी रही।
बिजली आपूर्ति में व्यवधान का असर पर्यटन गतिविधियों पर भी दिखा। नए साल के जश्न के लिए बड़ी संख्या में सैलानी जैसलमेर पहुंचे हुए हैं। होटल, रेस्टोरेंट्स आदि में बार-बार बिजली गुल होने से प्रबंधन को जनरेटर का सहारा लेना पड़ा। इससे संचालन लागत बढ़ी और कुछ स्थानों पर मेहमानों की नाराजगी भी सामने आई। कारोबारियों का कहना है कि पीक टूरिज्म सीजन में निर्बाध बिजली आपूर्ति बेहद जरूरी है, लेकिन व्यवस्था लगातार जवाब दे रही है। सूत्रों के अनुसार तकनीकी खामियों और कुछ स्थानों पर सुधारात्मक कार्य के कारण आपूर्ति प्रभावित रही। हालांकि स्थानीय लोगों का कहना है कि समस्या कोई नई नहीं है और समय रहते ठोस कदम नहीं उठाए गए। कई क्षेत्रों में जर्जर लाइनों और ट्रांसफार्मरों की वजह से बार-बार फॉल्ट की स्थिति बन रही है। शहरी क्षेत्र के उपभोक्ता उम्मेद कुमार ने बिजली विभाग से मांग की है कि नए वर्ष में कम से कम निर्बाध और स्थिर बिजली आपूर्ति सुनिश्चित की जाए। विशेषकर पर्यटन सीजन और सर्दी के दौरान अघोषित कटौती पर रोक लगाई जाए, ताकि लोगों को राहत मिल सके।