
जैसलमेर. जिले के किडनी रोगियों को अब डायलिसिस के लिए दूसरे जिलों में नहीं जाना पड़ेगा। जिला मुख्यालय स्थित राजकीय अस्पताल में अब डायलिसिस की सुविधा शुरू हो गई। गौरतलब है कि जिले के राजकीय अस्पताल में अब डायलिसिस की सुविधा शुरू करने के साथ ही मरीजों को इसका लाभ मिलने लगेगा। गौरतलब है कि दिसंबर 2016 में राज्य सरकार ने प्रदेश के सभी जिला अस्पतालों में डायलिसिस की सुविधा शुरू करने के उद्देश्य से डायलिसिस मशीनें भिजवाई थी। मशीनों का संचालन निजी कंपनी की ओर से किया जाना था, लेकिन एमओयू नहीं होने से ये मशीन चालू नहीं हो पाई।
डेढ़ साल तक कमरे में बंद रही मशीन
जानकारी के अनुसार करीब डेढ़ साल तक धूल फांक रही इस मशीन को जैसलमेर में शुरू कर एक किडनी रोगी का डायलिसिस किया गया। जानकारी के अनुसार प्रदेश भर में कोलकता की एक कंपनी ने डायलिसिस मशीन संचालन का एमओयू किया है। इसी कंपनी के तकनीशियन इस मशीन का संचालन करेंगे।
खामियों को दूर करने में लगे पांच दिन
एमओयू के बाद कंपनी के तकनीशियन जैसलमेर पहुंच गए थे। पिछले पांच दिन से पीएमओ डॉ. उषा दुग्गड़ के नेतृत्व में अस्पताल स्टाफ व कंपनी के तकनीशियन मशीन की खामियों को दूर करने में लगे हुए थे। जो उपकरण कम थे उसे मंगवाए गए और आखिरकार मशीन को शुरू कर मरीज का डायलिसिस किया गया। जो सफल रहा।
किडनी रोगियों को राहत
डायलिसिस की मशीन शुरू होने से किडनी रोगियों को राहत मिलेगी। इससे किडनी रोगी के खून को पूरी तरह से साफ किया जाता है। किडनी रोगियों को समय समय पर डायलिसिस करवाना पड़ता है। जैसलमेर के किडनी रोगी डायलिसिस के लिए जोधपुर व अहमदाबाद जाते हैं। एक बार जोधपुर में डायलिसिस करवाने के बाद रेगुलर जैसलमेर में डायलिसिस करवाया जा सकेगा। डायलिसिस सुविधा शुरू कर दी गई है और पूरी तरह से निशुल्क है। अब मरीजों को इसके लिए जोधपुर नहीं जाना पड़ेगा। एक समय में दो मरीजों को डायलिसिस किया जा सकेगा। जैसलमेर के किडनी रोगियों के लिए यह बहुत बड़ी राहत है।
नि:शुल्क होगा डायलिसिस
जवाहर अस्पताल में यह सुविधा शुरू होने के बाद मरीजों को काफी राहत मिलेगी। निजी अस्पतालों में डायलिसिस करवाने पर हजारों रुपए खर्च होते हैं। जवाहर अस्पताल में यह सुविधा निशुल्क मिलेगी। अस्पताल में डायलिसिस के दो सैटअप हैए एक समय में दो मरीजों का डायलिसिस हो सकेगा। एक बार में करीब तीन घंटे का समय लगता है।