
लाठी. लाठी क्षेत्र के केरालिया गांव स्थित जीएलआर और पशु खेली में पिछले एक माह से जलापूर्ति बंद होने से ग्रामीण भीषण पेयजल संकट का सामना कर रहे हैं। हालात ऐसे हैं कि लोगों को 1000 से 1500 रुपये खर्च कर निजी टैंकरों से पानी मंगवाना पड़ रहा है। वहीं पशुओं के लिए भी पानी का गंभीर संकट बना हुआ है। ग्रामीणों ने बताया कि भीषण गर्मी और पर्याप्त बारिश नहीं होने से क्षेत्र में पहले ही पानी की कमी बनी हुई है। ऐसे में संबंधित ट्यूबवेल बंद होने से स्थिति और अधिक गंभीर हो गई है। लोगों को दूर-दराज के क्षेत्रों से पेयजल की व्यवस्था करनी पड़ रही है, जबकि पशु भी पानी के अभाव में इधर-उधर भटकने को मजबूर हैं।
सामाजिक कार्यकर्ता प्रेमसिंह भाटी, प्रयागसिंह भाटी, जेठूसिंह भाटी, नरपतसिंह भाटी, बादलनाथ, जुझारसिंह, मगसिंह, कुंदननाथ, शंकरलाल सुथार, किशोरसिंह, रणवीरसिंह भाटी, शिवनाथ, स्वरूपसिंह, सखी खां और गोरखनाथ सहित ग्रामीणों ने बताया कि समस्या से जलदाय विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों को कई बार अवगत कराया जा चुका है, लेकिन अब तक कोई ठोस समाधान नहीं हुआ है। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि शीघ्र ट्यूबवेल चालू कर नियमित जलापूर्ति बहाल नहीं की गई तो जलदाय विभाग के खिलाफ धरना-प्रदर्शन किया जाएगा। ग्रामीणों ने विभाग से तत्काल कार्रवाई कर पेयजल संकट का स्थायी समाधान करने की मांग की है।
पोकरण विधायक प्रतापपुरी ने सोमवार को केरालिया गांव का दौरा कर ग्रामीणों की जनसमस्याएं सुनीं। उन्होंने ग्रामीणों को पानी, बिजली, सड़क और शिक्षा सहित विभिन्न मूलभूत समस्याओं के शीघ्र समाधान का भरोसा दिलाया। इस दौरान विधायक ने नेडान से केरालिया को जोड़ने वाली सड़क के डामरीकरण की भी घोषणा की। गांव में आयोजित बैठक में ग्रामीणों ने पेयजल, विद्युत आपूर्ति और अन्य सुविधाओं से जुड़ी शिकायतें रखीं। विधायक ने कहा कि जनता की समस्याओं के समाधान में किसी भी प्रकार की लापरवाही नहीं होनी चाहिए। दौरे के दौरान विधायक आईनाथ माता मंदिर परिसर में आयोजित बाईसा-बुआसा स्नेह मिलन समारोह में भी शामिल हुए और सामाजिक एकता का संदेश दिया। इस अवसर पर विधायक के निजी सचिव गुलाबसिंह राठौड़, सेवानिवृत्त सैनिक प्रेमसिंह भाटी, भगवानसिंह भाटी, शोभसिंह, हाथीसिंह भाटी, गोपालसिंह भाटी, जेठूसिंह भाटी, मालमसिंह, नरपतसिंह भाटी, सवाईसिंह भाटी, पर्वतराम सुथार, रूपसिंह, कुन्दननाथ, राणसिंह, चन्दनसिंह, श्रवणसिंह, खेमनाथ, देरावरसिंह, रणवीरसिंह सहित कई ग्रामीण उपस्थित रहे।