जैसलमेर

जैसलमेर में साइबर अपराध का संगीन मामला आया सामने, शातिर ने ठगे साढ़े पंद्रह लाख

- जैसलमेर निवासी से पांच महीनों में ऐंठे पैसे- सभी ट्रांजेक्शन ऑनलाइन हुए

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Aug 09, 2018
जैसलमेर में साइबर अपराध का संगीन मामला आया सामने, शातिर ने ठगे साढ़े पंद्रह लाख

जैसलमेर. जैसलमेर जिले में साइबर अपराधों की बढ़ती वारदातों की कड़ी में एक और संगीन मामला सामने आया है। जिसमें एक बेहद शातिर व्यक्ति ने जैसलमेर निवासी रमेश सांवल पुत्र गोपीदास सांवल से बीमा पॉलिसी के नाम पर करीब साढ़े पंद्रह लाख रुपए की ठगी की है। इस संबंध में जैसलमेर पुलिस कोतवाली में मामला दर्ज करवाया गया है। शातिर ने इस ठगी को पांच महीने के अंतराल में अंजाम दिया और बुधवार देर शाम तक उसका मोबाइल ऑन था। वह रमेश से 1.80 लाख रुपए की अब भी मांग कर रहा है। उसकी लोकेशन महाराष्ट्र में ट्रेस हो रही थी। पुलिस ने मामला दर्ज कर शीघ्र कार्रवाई करने का भरोसा पीडि़त पक्ष को दिलाया है।

ऐसे दिया ठगी को अंजाम
जानकारी के अनुसार रमेश सांवल से ऑनलाइन ठगी का सिलसिला इस साल मार्च माह में शुरू हुआ। शातिर ने उन्हें मोबाइल पर फोन कर उनकी बीमा पॉलिसी के नम्बर आदि बताकर उन्हें विश्वास में ले लिया। उसने एक आकर्षक पॉलिसी के बारे में झांसा देकर सांवल को फांस लिया। ठग ने 16 मार्च को पहले पहल रमेश सांवल से अपने बताए बैंक खाता में 15 हजार रुपए जमा करवाने को कहा। जो उन्होंने जमा करवा दिए। बाद में अपने वाकजाल में फांस कर पीडि़त से कभी 30 हजार तो कभी 40 और 80 हजार रुपए जमा करवा लिए। जानकारी के अनुसार गत जून और जुलाई माह में रमेश सांवल ने ठग के बताए बैंक खातों में क्रमश: 5 लाख और 3 लाख जमा करवा दिए। इस तरह से अब तक वह शातिर रमेश सांवल को 15.50 लाख रुपए ठग चुका है।
यों हुआ खुलासा
मामले का खुलासा तब हुआ जब शातिर ने रमेश सांवल से गत दिनों एक हजार रुपए का डिमांड ड्राफ्ट बनाकर उसका फोटो खिंचवाकर वॉट्सएप पर मंगवाया। गत दिवस आइसीआइसीआइ बैंक से सांवल के पास फोन आया कि उन्होंने 55 लाख रुपए का डीडी कैसे बनवाया है तथा तुरंत बैंक बुलवाया। तब पता चला कि शातिर ने एक हजार के ड्राफ्ट को 55 लाख के ड्राफ्ट में बदल दिया। जानकारी के अनुसार इस मामले में ठग ने देश के अलग-अलग शहरों में स्थित बैंकों के खाता संख्या देकर उनमें पैसे डलवाए हैं। अपने साथ हुई ठगी से रमेश सांवल व उनके परिवारजन तथा परिचित सभी बेहद परेशान हैं। जानकारी के अनुसार निजी क्षेत्र में कार्यरत रमेश ने राशि का बंदोबस्त करने के लिए 6.50 लाख का गोल्ड लोन लिया है तथा अपने परिवार की बचत के साथ रिश्तेदारों से भी राशि उधार ली है। उसे विश्वास था कि कथित पॉलिसी के मैच्योर होते ही वह सारा कर्ज चुकता कर देगा।
रिकवरी के करेंगे प्रयास
जैसलमेर निवासी के साथ हुई ऑनलाइन ठगी का मामला दर्ज कर लिया गया है। पुलिस अपनी ओर से शातिर को पकडकऱ उससे रिकवरी करवाने का पूरा प्रयास करेगी।
- देरावरसिंह, शहर कोतवाल, जैसलमेर

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Published on:
09 Aug 2018 10:03 am
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