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80 फीसदी जिले की जल व्यवस्था राम भरोसे,सरकार की इस भूल की वजह से जल वितरण व्यवस्था प्रभावित

-अफसरों को हटाकर नयों को लगाना भूली सरकार-नगर से सीमा क्षेत्र तक जल वितरण व्यवस्था प्रभावित

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No one to see the water system of 80 percent of district jaisalmer

80 फीसदी जिले की जल व्यवस्था राम भरोसे,सरकार की इस भूल की वजह से जल वितरण व्यवस्था प्रभावित

जैसलमेर. जैसलमेर और पोकरण शहरों समेत करीब 80 फीसदी गांवों और ठेठ सीमावर्ती क्षेत्रों तक की जल वितरण व्यवस्था राम भरोसे कर दी गई है। गत दिनों तबादलों के बम्पर आदेशों के तहत जिले के जलदाय महकमे के दो अधिशासी अभियंताओं समेत आधा दर्जन अहम इंजीनियरों का यहां से अन्यत्र स्थानांतरण कर दिया गया और उनकी जगह पर नए अफसरों को लगाना शायद सरकार भूल गई। जिले के जनप्रतिनिधि भी पेयजल वितरण जैसे महत्वपूर्ण महकमे से जुड़े अफसरों के रिक्त पदों पर नियुक्ति के लिए अपनी सरकार पर दबाव बनाने में अब तक नाकामयाब बने हुए हैं।

यह हो गए हैं हालात
जानकारी के अनुसार पिछले दिनों जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग के शहर खंड तथा पोकरण के अधिशासी अभियंताओं का तबादला उनके स्थान पर अन्य अधिकारी लगाए बिना यहां से किया जा चुका है। ऐसे ही जैसलमेर शहर में पेयजल आपूर्ति का जिम्मा संभालने वाले सहायक अभियंता, रामदेवरा सहायक अभियंता तथा सांगड़उपखंड के रामा और नाचना उपखंड के कनिष्ठ अभियंताओं का भी बिना अन्य अधिकारी को पदस्थापित किए तबादला कर दिए जाने से स्थिति विकट हो गई है। आगामी दिनों से रामदेवरा में मेले की सरगर्मियां शुरू होने वाली हैं। ***** मेले तक यहां 40 लाख लोगों की आवक होती है। अधिकारी के अभाव में उनके लिए पेयजल की सुचारू व्यवस्था करना और कड़ी चुनौती बनने वाली है।

पेयजल आपूर्ति को झटका
-जलदाय विभाग के शहर खंड के तहत म्याजलार और सम के सीमांत क्षेत्रों के अलावा करीब पूरा सोढ़ाण व बसिया का इलाका आता है।
-ऐसे ही पोकरण खंड के तहत समूचा पोकरण उपखंड क्षेत्र के अलावा नाचना नहरी क्षेत्र सम्मिलित है।
अधिशासी अभियंताओं के अभाव में पेयजल वितरण व्यवस्था की मोनेटरिंग समेत लाइन बिछाने से लेकर अन्य निर्माण कार्यों की देखरेख सीधे तौर पर प्रभावित हो रही है।
-जिले के सांगड़ उपखंड में सहायक अभियंता का पद तो जलदाय विभाग में पिछले दो साल से रिक्त है और एवजी अधिकारी के भरोसे ही चलाया जा रहा है ।
-इस क्षेत्र में करीब पूरा फतेहगढ़ उपखंड का इलाका आता है। जैसलमेर शहर में ही जलापूर्ति के बुरे हाल हैं। अधिकांश गली-मोहल्लों व आवासीय कॉलोनियों में 96 से 120 घंटों के अंतराल में जलापूर्ति हो पा रही है।
-शहरी व ग्रामीण जनप्रतिनिधि भी हैरान-परेशान हैं, क्योंकि उनके द्वारा बताईजाने वाली समस्या पर कार्रवाई करने वाला कोई नजर नहीं आता।
-शहर क्षेत्र में समस्याग्रस्त इलाकों में जल परिवहन व्यवस्था नाममात्र की ही है। वास्तविक जरूरतमंदों तक पानी पहुंच नहीं पा रहा।

फैक्ट फाइल
- 7.50 लाख से अधिक जिले की आबादी
- 03 खंडों में से 02 में अधिशासी अभियंताओं के पद रिक्त
- 96 से 120 घंटों के अंतराल में शहर में जलापूर्ति

सरकार को अवगत करवाया
जलदाय विभाग के विभिन्न अभियंताओं का यहां से तबादला किए जाने और उनकी जगह पर नए अभियंताओं का पदस्थापन नहीं होने के संबंध में राज्य सरकार को अवगत करवा दिया गया है।
-ओम कसेरा, जिला कलक्टर, जैसलमेर