
पोकरण. कस्बे और ग्रामीण क्षेत्रों में विद्युत आपूर्ति व्यवस्था संभालने वाले ट्रांसफार्मर अब सुरक्षा के लिहाज से चिंता बढ़ा रहे हैं। वर्षों पहले लगाए गए कई ट्रांसफार्मर सड़क और आसपास की जमीन का स्तर बढ़ने से अब कम ऊंचाई पर रह गए हैं। कई स्थानों पर फ्यूज और तार खुले पड़े हैं। ऐसे में राहगीरों, बच्चों और पशुओं के इनके संपर्क में आने पर हादसे का खतरा बना हुआ है। पोकरण कस्बे में एको की प्रोल, राजकीय उच्च प्राथमिक विद्यालय केकेबास के पास, फलसूंड तिराहे पर बैंक ऑफ इंडिया के पास, पालीवाल छात्रावास के पास, बस स्टैंड के सामने जोधनगर जाने वाले मार्ग, राजकीय अस्पताल की मोर्चरी के पास, फलसूंड रोड, पंचायत समिति के आगे, सुभाष चौक, सालमसागर तालाब के पास और पुरोहितों की गली सहित करीब डेढ़ दर्जन स्थानों पर ट्रांसफार्मर कम ऊंचाई पर लगे हैं। इनमें कई जगह फ्यूज खुले हैं। इससे आमजन की सुरक्षा को लेकर सवाल उठ रहे हैं।
डिस्कॉम ने इन ट्रांसफार्मरों को कई वर्ष पहले स्थापित किया था। समय के साथ सड़क और आसपास के क्षेत्र का स्तर बढ़ता गया, लेकिन ट्रांसफार्मरों की ऊंचाई उसी स्थिति में बनी रही। परिणामस्वरूप कुछ स्थानों पर विद्युत उपकरण जमीन के अपेक्षाकृत काफी करीब दिखाई देते हैं। खुले फ्यूज और तार स्थिति को और संवेदनशील बना रहे हैं। विशेषकर भीड़भाड़ वाले स्थानों पर बच्चों और पशुओं के पहुंचने की आशंका बनी रहती है।
ग्रामीण क्षेत्रों में भी कई ट्रांसफार्मरों के आसपास नियमित सफाई नहीं होने से बबूल और आक की झाड़ियां उग आई हैं। विद्युत उपकरणों के आसपास वनस्पति की मौजूदगी से चिंगारी निकलने पर आग फैलने का खतरा रहता है। ग्रामीणों के अनुसार कई स्थानों पर ट्रांसफार्मरों से चिंगारी निकलने की घटनाएं भी सामने आती रही हैं। ऐसे में समय पर सफाई और विद्युत उपकरणों की जांच जरूरी है।
डिस्कॉम के कनिष्ठ अभियंता मनीष कुमार ने बताया कि दीपावली से पहले ट्रांसफार्मरों की मेंटीनेंस और तारों के रखरखाव का काम शुरू किया जाएगा। इसके साथ ही सुरक्षा से जुड़ी समस्याओं का समाधान किया जाएगा।