सेहत का सवेरा ... लोकतंत्र को मजबूत करने का लिया संकल्प -योग की पाठशाला में किए आसन, हुआ स्वास्थ्य जांच -इवीएम व वीवीपीएटी की कार्यप्रणाली के बारे में ली जानकारी
पोकरण. तालाब के किनारे मुख्य मार्ग पर चल रही ठण्डी बयार और योग के साथ सुबह की शुरुआत। परमाणु नगरी के वाशिंदे वार्ड संख्या संख्या तीन की तरफ जाने वाले मार्ग पर सालमसागर तालाब के पास स्थित योग चौकी पर एकत्र हुए। शांत व सुकून देने वाला माहौल, सन्नाटे में गूंजते पक्षियों की कलरव...। प्राकृतिक व मनोहारी माहौल में स्थानीय बाशिंदों ने योग व प्राणायाम के साथ दिन की शुरुआत की। इस दौरान स्थानीय लोगों ने लोकतंत्र में अपना अगाढ़ विश्वास दिखाते हुए भयमुक्त होकर मतदान करने और लोकतंत्र को मजबूत बनाने की शपथ भी ली।
राजस्थान पत्रिका के हमराह कार्यक्रम का योग चौकी पर आयोजन किया गया। यहां योग शिक्षक हरिवंश व्यास ने अनुलोम विलोम, कपाल भाति सहित अन्य योग व प्राणायाम करवाए। रविवार को सूर्य की किरणें निकलने से पहले बड़ी संख्या में लोग पहुंचे। यहां उन्होंने योग, प्राणायाम किया। वॉकिंग के साथ हास्य योग, अनुलोम विलोम, कपालभाति और अन्य प्राणायाम किए गए। इस मौके पर मनमोहन गुचिया ने बाह्य अग्निशाह नेवेली क्रिया कर दिखाई और इससे मिटने वाले रोगों की जानकारी दी।
योग शिक्षक हरिवंश व्यास ने योग व प्राणायाम से होने वाले लाभ के बारे में बताया। इसी प्रकार यहां उपस्थित लोगों को भयमुक्त होकर लोकतंत्र की मजबूती के लिए मतदान करने की शपथ दिलाई। हमराह कार्यक्रम के अंतर्गत निर्वाचन आयोग की ओर से इवीएम व वीवीपीएटी की जानकारी के लिए प्रदर्शनी लगाई गई। दक्ष प्रशिक्षक फकीराराम ने इवीएम व वीवीपीएटी की कार्यप्रणाली के बारे में जानकारी दी।
किया स्वास्थ्य का परीक्षण
पत्रिका के हमराह कार्यक्रम के तहत चिकित्साधिकारी डॉ.अरुण शर्मा व सहायक नरेश शर्मा ने लोगों के स्वास्थ्य का परीक्षण किया। उन्होंने 50 लोगों के रक्तचाप व मधुमेह की जांच की और परामर्श दिया। हरिभाई चौधरी ने एक्युप्रेशर से उपचार की विधि बताई। उन्होंने एक्युप्रेशर की विस्तारपूर्वक जानकारी दी और हाथ, पैर दर्द, गैस आदि बीमारियों के उपचार के बारे में बताया।
ये रहे उपस्थित
कार्यक्रम के दौरान जुगलकिशोर व्यास, दिनेश व्यास, हरिसिंह मोडरडी, प्यारेलाल जोशी, श्रीगोपाल पुरोहित, मोहनलाल पुरोहित, खेतमल माली, चंद्रकांत पुरोहित, अजय व्यास, सुरेन्द्र व्यास, प्रेम पुरोहित, मोहन सुथार, चैनसुख माली, नारायण शर्मा, लेखराज व्यास, रजनीश कल्ला, रामचंद्र सुथार, पुखराज दवे, प्रयागगिरी महाराज, भंवरलाल टावरी, राधेश्याम खत्री सहित बड़ी संख्या में लोग उपस्थित थे।