जैसलमेर

रामदेवरा में पदयात्री मार्ग की ऐसी हालत, पदयात्रियों को हो रही परेशानी

बाबा रामदेव के अंतरप्रांतीय मेले के दौरान रामदेवरा आने वाले पदयात्रियों की सुविधा के लिए निर्माण करवाया गया पदयात्री मार्ग क्षतिग्रस्त होने के कारण पदयात्रियों का यहां चलना मुश्किल हो रहा है।
2 min read
Jul 30, 2018
Pedestrian route damaged in Ramdevra pedestrians getting trouble
रामदेवरा में पदयात्री मार्ग की ऐसी हालत, पदयात्रियों को हो रही परेशानी

जैसलमेर/रामदेवरा. बाबा रामदेव के अंतरप्रांतीय मेले के दौरान रामदेवरा आने वाले पदयात्रियों की सुविधा के लिए निर्माण करवाया गया पदयात्री मार्ग क्षतिग्रस्त होने के कारण पदयात्रियों का यहां चलना मुश्किल हो रहा है। गौरतलब है कि बाबा रामदेव के मेले के दौरान लाखों पदयात्री बाबा की समाधि के दर्शनों के लिए आते है। उनकी सुविधा के लिए रामदेवरा आने वाले मार्गों के किनारे पदयात्री मार्गों का निर्माण करवाया गया था। यह पदयात्री मार्ग अब जगह-जगह से क्षतिग्रस्त हो गया है, जिसके चलते पदयात्रियों का यहां चलना भी मुश्किल हो रहा है तथा उन्हें परेशानी हो रही है। ऐसे में सरकार की ओर से खर्च की गई धनराशि का भी दुरुपयोग हो रहा है। यही नहीं एक वर्ष में ही पदयात्री मार्ग के क्षतिग्रस्त हो जाने के कारण गुणवत्ता की भी पोल खुल गई है।

योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन की जरूरत
-अधिवक्ताओं एवं पैरालीगल वॉलेंटियर्स का रिफ्रेशर कोर्स
जैसलमेर. राजस्थान राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के निर्देशानुसार राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण की ओर से जारी जन कल्याणकारी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए रविवार को एक दिवसीय रिफ्रेशर कोर्स जिला मुख्यालय के वैकल्पिक विवाद निस्तारण केन्द्र में आयोजित किया गया। इस रिफ्रेशर कोर्स की अध्यक्षता डॉ. महेन्द्र कुमार गोयल पूर्णकालिक सचिव, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण ने की। रिफ्रेशर कोर्स में पैनल अधिवक्ता गिरिराज पुरोहित, इदरीश खान, ओमप्रकाश रंगा तथा पैरा लीगल वॉलेन्टीयर्स सज्जनकंवर, विमला लोहिया तथा इलियास ने भाग लिया। रिफ्रेशर कोर्स में राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण की ओर से जारी जन कल्याणकारी योजनाओं तस्करी और वाणिज्यिक यौन शोषण पीडि़तों के लिए विधिक सेवाएं, असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों के लिए विधिक सेवाएं, बच्चों के मैत्रीपूर्ण विधिक सेवाएं और उनके संरक्षण के लिए विधिक सेवाएं, मानसिक रूप से बीमार और मानसिक रूप से नि:शक्त व्यक्तियों के लिए विधिक सेवाएं, गरीबी उन्मूलन योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए विधिक सेवाएं, आदिवासियों के अधिकारों के संरक्षण और प्रवर्तन के लिए विधिक सेवाएंं, नशा पीडि़तों को विधिक सेवाएं एवं नशा उन्मूलन के लिए विधिक सेवाएं, योजना 2015 और नालसा वरिष्ठ नागरिकों के लिए विधिक सेवा, एसिड हमले के पीडि़तों के लिए विधिक सेवा योजना, 2016 तथा नालसा आपदा पीडि़तो को विधिक सेवा प्राधिकरणों के माध्यम से विधिक सेवाएं योजना, 2015 के बारे में पूर्णकालिक सचिव डॉ. महेन्द्र कुमार गोयल द्वारा विस्तृत जानकारी दी गई। डॉ गोयल ने अवगत कराया कि विभिन्न स्कीमों में पीडि़तों का पुनर्वास सुनिश्चित करना, उनको समाज की मुख्यधारा में लाना ही प्राधिकरण का मुख्य उद्देश्य है। उन्होंने मेंटल हेल्थ एक्ट के प्रावधानों के बारे में भी विस्तार से बताया। उन्होंने संगठित और असंगठित क्षेत्र के मजदूर एक्ट के प्रावधानों के बारे में जानकारी दी।

Published on:
30 Jul 2018 12:01 pm