
शांति व्यवस्था के लिए बुलाया अतिरिक्त पुलिस जाब्ता
मोहनगढ़ . मोहनगढ़ के 4 एमजीएम में शुक्रवार रात रूमालनाथ जोगी की हत्या को लेकर रविवार को जोगी समाज के लोगों ने विरोध-प्रदर्शन किया।
आरोपित स्थानीय निवासी अचलाराम पुत्र पूनमाराम भील ने स्वयं थाने पहुंच वारदात स्वीकार की। इस पर पुलिस ने उसे हिरासत में लेकर पूछताछ की। मृतक के शव का मोहनगढ़ सामूदायिक स्वास्थ्य केंद्र में चिकित्साधिकारी डॉ.के.आर.पंवार की ओर से नाचना वृत्ताधिकारी विनोद कुमार, जैसलमेर तहसीलदार विरेन्द्रसिंह भाटी, मोहनगढ़ पुलिस थानाधिकारी महेन्द्रसिंह खींची की देखरेख में पोस्टमार्टम किया गया। शनिवार को मृतक का अंतिम संस्कार भी कर दिया गया। रविवार सुबह जोगी समाज की ओर से पुलिस थाना मोहनगढ़ के बाहर एकत्र होकर प्रदर्शन किया।
पुलिस थाने के बाहर प्रदर्शन
मोहनगढ़ पुलिस थाने के बाहर समाज के कई महिला-पुरुष प्रदर्शन करने लगे। वे पुलिस थाने के सामने सडक़ पर बैठ नारेबाजी करने लगे। इसके बाद बेरीकेट लगा रास्ता बंद करने का प्रयास किया। जिन्हें मोहनगढ़ थानाधिकारी महेन्द्र सिंह खीची ने समझाईश कर रास्ता खुलवाया। सूचना पर नाचना वृत्ताधिकारी विनोद कुमार भी मोहनगढ़ पहुंचे। मोहनगढ़ पुलिस थाने में एक भी महिला कांस्टेबल नहीं होने के कारण जैसलमेर से अतिरिक्त पुलिस जाब्ता बुलाया गया। इसमें महिला कांस्टेबल भी शामिल रहीं। जोगी समाज ने मुख्य आरोपित अचलाराम भील के साथ फोन पर जान से मारने की धमकियां देने वाले अन्य युवकों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने की मांग की तथा पुलिस थाने के सामने धरने पर बैठ गए।
हत्या से पूर्व मिली थी धमकियां
चक संख्या चार मोहनगढ़ माइनर में रुमालनाथ की हत्या से पूर्व मृतक के पुत्रों व पत्नी की ओर से शुक्रवार की शाम को जान से मारने की धमकियां मिलने की सूचना पुलिस को दी गई थी। इस कारण पुलिस आरोपित युवक की शुक्रवार की शाम से तलाश कर रही थी, लेकिन युवक का कहीं कोई सुराग नहीं लगा। पुलिस की ओर से आरोपित के घर जाकर इसकी सूचना भी दी गई। जोगियों की बस्ती से करीब एक किमी की दूरी पर स्थित एक खेत में आरोपित ने रूमालनाथ की हत्या कर पुलिस थाने में आत्म समर्पण कर लिया। पुलिस ने घटनास्थल पर रूमालनाथ की शिनाख्त की।
महिला के साथ छेड़छाड़ को लेकर विवाद
मोहनगढ़ कस्बे में एक युवती के साथ छेड़छाड़ को लेकर कुछ दिन पूर्व विवाद हुआ था। इसी को लेकर आरोपित अचलाराम भील शुक्रवार की रात्रि रूमालनाथ के पुत्र को मारने के लिए मुरब्बे की तारबंदी फांद कर अंदर गया। पानी के टांके पर रजाई ओढकऱ सो रहे रूमालनाथ के सिर व चेहरे पर धारदार हथियार से हमला कर दिया। जिसके चलते रूमालनाथ की मौके पर ही मौत हो गई। इस संबंध में मृतक के पुत्र पप्पूनाथ ने बताया कि उसकी बहन के साथ छेड़छाड़ करने का विरोध करने पर आरोपित तथा उसके साथियों की ओर से जान से मारने की धमकी दी गई थी। जिसकी पुलिस को भी सूचना दी गई, लेकिन पुलिस को आरोपित नहीं मिले। जिसके चलते देर रात्रि उसके पिता रूमालनाथ की हत्या कर दी गई।