जैसलमेर

पोकरण जिला अस्पताल अव्यवस्थाओं से कराहता, मरीज बेहाल

पोकरण कस्बे के राजकीय जिला चिकित्सालय में अव्यवस्थाओं का हाल ऐसा है कि मरीजों और परिजनों की परेशानी लगातार बढ़ रही है।

2 min read
Aug 22, 2025

पोकरण कस्बे के राजकीय जिला चिकित्सालय में अव्यवस्थाओं का हाल ऐसा है कि मरीजों और परिजनों की परेशानी लगातार बढ़ रही है। जिला मुख्यालय के बाद यह एकमात्र जिला स्तरीय अस्पताल है, जहां प्रतिदिन 700 से 800 मरीज ओपीडी में पहुंचते हैं, जबकि भर्ती मरीजों, प्रसव पीडि़त महिलाओं और बच्चों की संख्या 100 से अधिक रहती है। इसके बावजूद व्यवस्थाएं चरमराई हुई हैं।

स्टाफ की भारी कमी

अस्पताल में कुल 145 पद स्वीकृत हैं, लेकिन कार्यरत केवल 64 कार्मिक हैं। यानी 81 पद रिक्त पड़े हैं। चिकित्सकों और चिकित्साकर्मियों की कमी के कारण मरीजों को समय पर उपचार नहीं मिल पा रहा। भादवा मेले के दौरान कुछ अतिरिक्त चिकित्सक तैनात किए गए हैं, लेकिन अगले दिनों में वे भी हटा लिए जाएंगे।

सफाई व्यवस्था लचर

अस्पताल में सफाई कर्मचारियों के स्थायी पद सभी खाली हैं। सफाई का जिम्मा ठेके पर दिया गया है, लेकिन ठेकेदार कर्मियों की ओर से नियमित सफाई नहीं की जाती। कई बार गंदगी के ढेर और दुर्गंध मरीजों और परिजनों के लिए असहनीय स्थिति पैदा कर देते हैं।

गर्मी और अव्यवस्था से बेहाल

वार्डों में कूलिंग सिस्टम लंबे समय से बंद है। बड़े कूलर लगाए गए हैं, लेकिन उनमें पानी समय पर नहीं डाला जाता, जिससे वे गर्म हवा फेंकते रहते हैं। गर्मी से मरीज और परिजन दोनों परेशान रहते हैं। अस्पताल में परिजनों की भीड़ को नियंत्रित करने की कोई व्यवस्था नहीं है। अक्सर खाली पड़े बिस्तरों पर परिजन मोबाइल चलाते नजर आते हैं।

पानी की समस्या बनी बड़ी चुनौती

अस्पताल में पर्याप्त पानी आपूर्ति नहीं होने से कूलरों में पानी नहीं भरा जा पाता। यही समस्या सफाई व्यवस्था पर भी असर डालती है। प्रमुख चिकित्साधिकारी डॉ. अनिल गुप्ता का कहना है कि चिकित्सकों की कमी और पानी की समस्या को लेकर कई बार उच्चाधिकारियों को लिखा गया है, लेकिन अब तक ठोस समाधान नहीं निकला।

Published on:
22 Aug 2025 11:16 pm
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