जैसलमेर

Jaisalmer: पोकरण ग्रामीण क्षेत्रों एक दर्जन गांवों में पेयजल संकट

पोकरण क्षेत्र के ग्रामीण इलाकों में लंबे समय से चरमराई जलापूर्ति व्यवस्था ने लोगों की परेशानी बढ़ा दी है। सांकड़ा सहित एक दर्जन से अधिक गांवों और ढाणियों में नलों का पानी बंद होने से जीएलआर और पशु खेलियां सूख गई हैं। मजबूरन ग्रामीण महंगे दामों पर टैंकरों से पानी खरीदकर रोजमर्रा की जरूरतें पूरी कर रहे हैं।
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Jun 27, 2026
jaisalmer
पोकरण. सांकड़ा क्षेत्र में जलापूर्ति व्यवस्था प्रभावित, लोग परेशान। पत्रिका

पोकरण. ग्रामीण क्षेत्रों में गत लंबे समय से बिगड़ी जलापूर्ति व्यवस्था के कारण आमजन को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। जबकि जिम्मेदारों की ओर से व्यवस्था को सुचारु करने को लेकर कोई कार्रवाई नहीं की जा रही है। क्षेत्र के सांकड़ा, खेतासर, विशनगढ़, माधोपुरा, खुहड़ा, सदरासर, अचलपुरा, लूणाकल्लां, लूणाखुर्द, मोतीसर, हीरगढ़ आदि गांवों में गत लंबे समय से जलापूर्ति व्यवस्था प्रभावित है। सांकड़ा गांव के साथ ही आसपास ही ढाणियों में भी जलापूर्ति नहीं हो रही है। जिसके चलते जीएलआर व पशुखेलियां सूखी पड़ी है। ग्रामीणों को महंगे दामों में ट्रैक्टर टंकियों से पानी खरीदकर मंगवाना पड़ रहा है।

अवैध कनेक्शनों ने बढ़ाई परेशानी

सांकड़ा क्षेत्र में पोकरण-फलसूंड पेयजल लिफ्ट परियोजना के तहत जलापूर्ति की जाती है। इसके लिए सांकड़ा गांव में पंप हाऊस बना हुआ है। सांकड़ा गांव के पंप हाऊस पर नियमित व पर्याप्त पानी नहीं पहुंचने के कारण गांवों व ढाणियों में व्यवस्था बिगड़ रही है। परियोजना के बीलिया हेडवक्र्स से सांकड़ा तक बिछी मुख्य पाइपलाइन में बड़ी संख्या में अवैध कनेक्शन होने के कारण समस्या गंभीर होती जा रही है। दर्जनों अवैध कनेक्शनों के कारण पंप हाऊस तक ही पानी नहीं पहुंच रहा है। जिससे गांवों व ढाणियों में व्यवस्था प्रभावित हो रही है। जिसके कारण ग्रामीणों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

मवेशी का भी हो रहा बेहाल

जलापूर्ति प्रभावित होने के कारण ग्रामीणों के साथ मवेशी का भी बेहाल हो रहा है। पशुकुंड व पशुखेलियां सूख जाने के कारण पशु जंगलों में पानी के लिए भटक रहे है। जिससे उनका बेहाल हो रहा है।

अधिकारी ने नहीं उठाया फोन

इस संबंध में बातचीत के लिए पोकरण-फलसूंड पेयजल लिफ्ट परियोजना के अधिशासी अभियंता को कई बार फोन किया गया, लेकिन उनकी ओर से कोई जवाब नहीं दिया गया।

कई बार करवा चुके अवगत

गत लंबे समय से जलापूर्ति व्यवस्था बिगड़ी हुई है। मुख्य पाइपलाइन में अवैध कनेक्शन बहुत ज्यादा है। इन अवैध कनेक्शनों से लोग खेती भी कर रहे है, लेकिन सांकड़ा क्षेत्र में पर्याप्त पानी नहीं पहुंचने के कारण ग्रामीण पानी को तरस रहे है। मुख्य पाइपलाइन में अवैध कनेक्शन के बावजूद जिम्मेदार कोई कार्रवाई नहीं कर रहे है। जिससे ग्रामीणों को पेयजल संकट का सामना करना पड़ रहा है।

- भूरसिंह राठौड़, निवासी सांकड़ा

हो रहा बेहाल

भीषण गर्मी के मौसम में जलापूर्ति व्यवस्था बाधित होने के कारण ग्रामीणों के साथ मवेशी को भी पानी के लिए भटकना पड़ रहा है। जबकि जिम्मेदार कोई ध्यान नहीं दे रहे है।

- गणपतसिंह, निवासी विशनगढ़

Published on:
27 Jun 2026 08:24 pm