जैसलमेर

पोकरण: कहीं क्षतिग्रस्त मार्ग तो कहीं गति अवरोधक की भरमार

पोकरण क्षेत्र के सांकड़ा जाने वाले मार्ग पर बड़ी संख्या में गति अवरोधकों के कारण आमजन को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। इसके साथ ही सड़क कई जगहों से क्षतिग्रस्त भी हो गई है। बावजूद इसके जिम्मेदारों की ओर से कोई कवायद नहीं की जा रही है।

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Feb 13, 2026

पोकरण क्षेत्र के सांकड़ा जाने वाले मार्ग पर बड़ी संख्या में गति अवरोधकों के कारण आमजन को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। इसके साथ ही सड़क कई जगहों से क्षतिग्रस्त भी हो गई है। बावजूद इसके जिम्मेदारों की ओर से कोई कवायद नहीं की जा रही है। जानकारी के अनुसार कस्बे से सांकड़ा तक सड़क की चौड़ाई पूर्व में कम थी। इसके साथ ही लंबे समय से क्षतिग्रस्त पड़ी थी, जिसको लेकर करीब 4 वर्ष पूर्व यहां डामर सड़क का निर्माण करवाते हुए सड़क को चौड़ा कर विस्तार किया गया। ऐसे में राहगीरों व वाहन चालकों को आवागमन में राहत मिली थी। सड़क निर्माण के दौरान और इसके बाद मार्ग में कई जगहों पर गति अवरोधकों का निर्माण कर दिया गया। साथ ही सड़क कई जगहों से क्षतिग्रस्त भी हो गई है।

यहां हो रही सर्वाधिक परेशानी

पोकरण से सांकड़ा जाने वाले मार्ग पर केलावा गांव व आसपास में करीब 8-10 गति अवरोधक बनाए गए है। इसी प्रकार रामपुरा चौक में 2 और नानणियाई में 2 गति अवरोधक बनाए गए है। इसके अलावा भी इक्के-दुक्के गति अवरोधक है, जिसके कारण राहगीरों व वाहन चालकों को आवागमन में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

गति अवरोधक के नियम

  • गति अवरोधकों के लिए इंडियन रोड कांग्रेस बनाई गई है।
  • जिसकी गाइडलाइन के अनुसार गति अवरोधक की अधिकतम ऊंचाई 10 सेमी, लंबाई 3.5 मीटर व वृताकार रेडियस 17 सेमी होना चाहिए।
  • गति अवरोधक के दोनों तरफ 2.2 मीटर का स्लोप दिया जाना चाहिए, ताकि झटका नहीं लगे।
  • गति अवरोधक पर थर्मो प्लास्टिक व्हाइट पैंट से पट्टियां बनाई जानी चाहिए, ताकि रात में भी नजर आ सके।
  • गति अवरोधक से 40 मीटर पहले चेतावनी व संकेतक बोर्ड लगा होना चाहिए।

नियमों की नहीं पालना, हादसे का भी खतरा

गति अवरोधकों में नियमों की पालना नहीं की गई है। कोई गति अवरोधक छोटा है तो कोई बड़ा। साथ ही ऊंचे होने के कारण वाहन में झटके भी लग रहे है। इन पर सफेद पट्टी नहीं किए जाने के कारण रात में नजर भी नहीं आते है। जिससे यहां कोई बड़ा हादसा भी हो सकता है। बावजूद इसके जिम्मेदारों की ओर से कोई कार्रवाई नहीं की जा रही है।

क्षतिग्रस्त सड़क से भी परेशानी

सांकड़ा रोड कई जगहों से क्षतिग्रस्त भी हो गई है। डामर उखड़ जाने से राहगीरों व वाहन चालकों को आवागमन में परेशानी हो रही है। साथ ही रात में पर्याप्त रोशनी के अभाव में हादसे का भी भय बना हुआ है।

Published on:
13 Feb 2026 08:32 pm
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