पोकरण कस्बे में दुकानों के आगे सामान डालकर व टीनशेड लगाकर किए गए अतिक्रमणों को हटाने और हाथ ठेलों एवं वाहनों को सडक़ से दूर करने को लेकर अब नगरपालिका ने भी कवायद शुरू कर दी है।
पोकरण कस्बे में दुकानों के आगे सामान डालकर व टीनशेड लगाकर किए गए अतिक्रमणों को हटाने और हाथ ठेलों एवं वाहनों को सडक़ से दूर करने को लेकर अब नगरपालिका ने भी कवायद शुरू कर दी है। जिसके अंतर्गत शनिवार को सुबह सडक़ पर निशान लगाने का कार्य शुरू किया गया। गौरतलब है कि कस्बे के मुख्य मार्गों पर दुकानों के आगे सामान रखकर व टिनशेड लगाकर अतिक्रमण किया गया है। 5-7 फीट जगह रोकने के बाद आगे हाथ ठेले व ग्राहकों के वाहन खड़े हो जाते हैं। जिससे सडक़ केवल 8-10 फीट ही रह जाती है। जिसके कारण आए दिन यातायात व्यवस्था बिगड़ रही है और आमजन को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। साथ ही आए दिन हादसे भी हो रहे हैं। इसी को लेकर राजस्थान पत्रिका में लगातार समाचार प्रकाशित किए गए। जिसके बाद पुलिस ने अतिक्रमणों को हटाने को लेकर नगरपालिका को पत्र लिखा। व्यापारियों की ओर से नगरपालिका व पुलिस के साथ बैठक कर दुकानों के आगे सीमा तय करने एवं तय सीमा से अधिक सामान, अतिक्रमण हटाने पर सहमति जताई।
नगरपालिका की ओर से शनिवार को कस्बे के मुख्य मार्गों पर मार्किंग कर निशान लगाने का कार्य शुरू किया गया है। शनिवार को जयनारायण व्यास सर्किल से राजकीय अस्पताल तक सडक़ के दोनों तरफ निशान लगाकर लाइन खींची गई। अब जैसलमेर रोड व जोधपुर रोड पर भी सडक़ के दोनों तरफ ऐसे निशान लगाने का कार्य किया जाएगा। जिससे दुकानों के आगे सामान, हाथ ठेलों व वाहनों को खड़ा करने के लिए एक सीमा निर्धारित हो जाएगी। सीमा से बाहर सामान या टीनशेड होगा तो उसे अतिक्रमण माना जाएगा।
नगरपालिका की ओर से निशान लगाकर लाइन खींचने का कार्य आगामी एक-दो दिन में पूरा हो जाएगा। इसके बाद दुकानदारों की ओर से रखे गए सामान, लगाए गए टीनशेड को हटाने की कार्रवाई शुरू की जाएगी। साथ ही हाथ ठेलों व वाहनों को भी इस सीमा के अंदर खड़े करने के लिए पाबंद किया जाएगा। इसके बाद कोई हाथ ठेला या वाहन होगा तो उसके विरुद्ध भी कार्रवाई की जाएगी।