पोकरण कस्बे में टूटी सडक़ों की मरम्मत एवं नवनिर्माण का कार्य कई वर्षों से नहीं हुआ है। गत दिनों हुई बारिश ने सडक़ों के जख्मों को हरा कर दिया है।
पोकरण कस्बे में टूटी सडक़ों की मरम्मत एवं नवनिर्माण का कार्य कई वर्षों से नहीं हुआ है। गत दिनों हुई बारिश ने सडक़ों के जख्मों को हरा कर दिया है। डामर सडक़ें पूरी तरह से क्षतिग्रस्त होकर बिखर चुकी है, जिससे गुजरना भी मुश्किल हो रहा है और आमजन को परेशानी हो रही है। जानकारी के अनुसार कस्बे में गत कई वर्षों से डामर सडक़ें टूटी हुई है। कुछ जगहों को छोड़ दें तो गली मोहल्लों में डामर सडक़ों की मरम्मत नहीं की गई है। ऐसे में सडक़ें पूरी तरह से क्षतिग्रस्त पड़ी है। गत दो माह में हुई तेज बारिश से सडक़ों में जख्म बढ़ गए और गड्ढ़े गहरे हो गए। जगह-जगह डामर उखड़ जाने और सडक़ें क्षतिग्रस्त हो जाने के कारण राहगीरों व वाहन चालकों का आवागमन मुश्किल हो रहा है।
कस्बे में केन्द्रीय बस स्टैंड से भवानीपुरा जाने वाली सडक़ का नामोनिशां ही मिट चुका है। इसके अलावा मुख्य सडक़ से बस स्टैंड की तरफ मोड़ में भी सडक़ बिखरी पड़ी है और पत्थर बाहर निकल गए है। साथ ही गहरे गड्ढे हो गए है। यह कस्बे का व्यस्ततम मार्ग है। ऐसे में यहां दिन-रात राहगीरों व वाहन चालकों का आवागमन लगा रहता है। जिन्हें परेशानी हो रही है।
इसके अलावा कस्बे में आडा बाजार, गुराणियों की गली, मंगलपुरा, जटावास, सेवगों की गली, सालमसागर तालाब के पास, मालियों का बास, जैसलमेर रोड मदरसे के पास आदि गली मोहल्लों में भी सडक़ें बिखरी पड़ी है। यहां हुए गहरे गड्ढों के कारण आमजन को परेशानी हो रही है। साथ ही रात में पर्याप्त रोशनी के अभाव में यहां किसी बड़े हादसे से इनकार नहीं किया जा सकता। बावजूद इसके जिम्मेदारों की ओर से सडक़ की मरम्मत को लेकर कोई कवायद नहीं की जा रही है।