जैसलमेर में मेसनरी स्टोन के रॉयल्टी ठेके को लेकर चल रहे विवाद के बीच बुधवार को विभिन्न संगठनों की ओर से जिला मुख्यालय पर विरोध प्रदर्शन किया गया और रॉयल्टी ठेका को निरस्त करने की मांग शासन-प्रशासन से की गई।
जैसलमेर में मेसनरी स्टोन के रॉयल्टी ठेके को लेकर चल रहे विवाद के बीच बुधवार को विभिन्न संगठनों की ओर से जिला मुख्यालय पर विरोध प्रदर्शन किया गया और रॉयल्टी ठेका को निरस्त करने की मांग शासन-प्रशासन से की गई। स्थानीय हनुमान चौराहा पर गांधी प्रतिमा के समक्ष सुबह आमसभा का आयोजन भी किया गया, जिसमें वक्ताओं ने रॉयल्टी ठेका विवाद और गत दिनों हुई हिंसक घटनाओं पर विरोध के स्वर मुखर करते हुए कहा कि जिले में बाहरी तत्व अशांति पैदा कर रहे हैं। इसे बर्दाश्त नहीं किया जाना चाहिए। बड़ी संख्या में खनिज व्यवसायी, भवन व रोड निर्माण ठेकेदार, क्रेसर संचालक, ट्रांसपोर्ट व्यवसायियों के साथ अन्य लोग आमसभा में शामिल हुए और बाद में रॉयल्टी ठेकेदार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए कलेक्ट्रेट पहुंचे। इस मौके पर कलेक्ट्रेट में बड़ी संख्या में पुलिसकर्मी तैनात किए गए थे। बाद में विभिन्न संगठनों के प्रतिनिधियों ने कलक्टर को ज्ञापन पेश किए।
जैसलमेर पत्थर मिनरल व्यापार संघ एवं ठेकेदार एसोसिएशन ने मुख्यमंत्री के नाम कलक्टर को ज्ञापन सौंपा। संघ के अध्यक्ष राधेश्याम कल्ला, सचिव जुगल बोहरा, रीको इंडस्ट्रीज एसोसिएशन के सचिव गिरिश व्यास ने बताया कि वर्तमान में जैसलमेर मेसनरी स्टोन एक्सेस रॉयल्टी संग्रहण ठेकेदार की ओर से बीते दिनों खान मालिकों, केसर मालिकों व खनिज परिवहनकर्ताओं के साथ अशोभनीय व्यवहार करने के साथ तय राशि से तीन चार गुना ज्यादा अवैध रायल्टी राशि वसूल करने व तोडफ़ोड़ की घटनाओं को अंजाम दिया गया। इसका सबसे बड़ा कारण मेसनरी स्टोन की एक्सेस रायल्टी का ठेका 5 करोड़ की राशि से ऊपर जाना है। संघ ने बताया कि मेसनरी स्टोन के खनन पट्टों की संख्या केवल 40 के करीब है। जैसलमेर का माहौल शांतिपूर्ण बना रहे और भविष्य में किसी प्रकार ऐसी घटना ना हो, इसे देखते हुए जैसलमेर में मेसनरी स्टोन एक्सेस रायल्टी का ठेका होना ही नहीं चाहिए।
इसी प्रकार ठेकेदार एसोसिएशन के संरक्षक नखतसिंह भाटी व अध्यक्ष कल्याणदान ने भी कलक्टर को मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा। उन्होंने बताया कि इस बार ठेकेदार की ओर से किसी प्रकार की कोई बातचीत न कर सीधे ही रॉयल्टी के रूप में अवैध राशि वसूलनी शुरू कर दी। जिसका विरोध करने पर नाकों पर बैठे आपराधिक प्रवृत्ति के व्यक्तियों ने मारपीट, तोडफ़ोड़ व आगजनी की घटनाओं को अंजाम दिया। उन्होंने मांग की कि व्यापारियों पर झूठे मुकदमों पर किसी प्रकार की कार्यवाही अमल में नहीं लाई जाए व रॉयल्टी ठेकेदार व उसके साथियों व कार्मिकों की आपराधिक गतिविधियों की जांच करवाई जाए।