शहर में कई जगहों पर साफ-सफाई व्यवस्था काफी शोचनीय हालत में है। कचरा पात्रों के बाहर अपशिष्ट बिखरा रहता है। इससे स्वर्णनगरी की छवि पर भी विपरीत असर पड़ रहा है।
शहर में कई जगहों पर साफ-सफाई व्यवस्था काफी शोचनीय हालत में है। कचरा पात्रों के बाहर अपशिष्ट बिखरा रहता है। इससे स्वर्णनगरी की छवि पर भी विपरीत असर पड़ रहा है।
शहर के चैनपुरा पाड़ा के पास स्थित बाल वाटिका पर एक बड़ा कचरा पात्र रखा हुआ है। इसमें संग्रहित होने वाला कचरा सदैव आसपास बिखरा रहता है तथा चारों ओर पशु मंडराते रहते हैं। इस स्थान से प्रतिदिन सैकड़ों देशी-विदेशी पर्यटक गुजरते हैं। चैनपुरा में करीब एक दर्जन होटलें तथा कलाकार कालोनी में दर्जनों बड़ी कलापूर्ण होटलें और रेस्तरां संचालित किए जा रहे हैं। फिर भी नगरपरिषद ने आंखें मूंद रखी हैं।
- मोहनलाल पुरोहित, सेवानिवृत्त शिक्षक
नालियों में रहता है जाम
शहर के तालरिया पाड़ा एवं नायक मोहल्ला में आए दिन नालियां जाम रहती हैं और कचरा समय पर नहीं उठाया जाता। बरसात या पानी बहने पर बदबू और गंदगी से हालात और खराब हो जाते हैं। छोटे बच्चे और बुजुर्ग बीमार पड़ रहे हैं। मोहल्ले की नियमित सफाई बेहद जरूरी है।
- धन्नाराम भील, तालरिया पाड़ा निवासी
गड़ीसर के पास कूड़ा-करकट
शहर के ऐतिहासिक दर्शनीय स्थल गड़ीसर तालाब के आसपास व गड़ीसर प्रोल के पास कई दिनों से कचरे के ढेर लगे हुए हैं। यहां रोजाना बड़ी संख्या में पर्यटक आते हैं, लेकिन गंदगी के कारण शहर की छवि खराब हो रही है। कई बार शिकायत करने के बावजूद नियमित सफाई नहीं हो रही है।
- धर्मेंद्र कुमार, टूरिस्ट गाइड
आधी-अधूरी सफाई
शहर के गफूर भ_ा क्षेत्र में घरों और दुकानों के आगे रोज कचरा जमा हो जाता है। सुबह के समय आधी-अधूरी सफाई की जाती है। ऐसे में मौसमी बीमारियों का खतरा भी बना रहता है। साथ ही व्यापार पर भी इसका असर पड़ रहा है। नियमित और सख्त निगरानी की जरूरत है।
- नरपतराम, गफूर भ_ा निवासी
अगले सप्ताह का सवालशहर में जगह-जगह आवारा स्वानों की समस्या को लेकर आप क्या सोचते हैं।