जैसलमेर

मौसम में बदलाव के चलते सजग हुआ रेलवे प्रशासन

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Dec 04, 2018
jaislmer news
मौसम में बदलाव के चलते सजग हुआ रेलवे प्रशासन

जैसलमेर. सर्दियों का मौसम आमजन के साथ-साथ रेल संचालन के लिए भी चुनौतीपूर्ण होता है। तापमान में सामान्य से अधिक गिरावट होने से रेल पटरियों में खिचाव आ जाता है, जिसके परिणामस्वरूप ट्रेक के कमजोर स्थान पर फ्रेक्चर आ जाता है। यह संभावना कड़ाके की सर्दी के समय अधिक रहती है। इससे निपटने के लिए उत्तर पश्चिम रेलवे ने अपनी तैयारियां समय रहते पूर्ण कर ली है। उत्तर पश्चिम रेलवे के मुख्य जनसम्पर्क अधिकारी अभय शर्मा के अनुसार उत्तर पश्चिम रेल प्रशासन की ओर से अक्टूबर माह में ही चारों मण्डलों को अतिरिक्त सुरक्षा उपाय अपनाने के निर्देश दे दिए थे। जिन रेलखण्डों पर फ्रेक्चर की संभावना अधिक होती है, वहां सघन पेट्रोलिंग की जा रही है।

इसके लिए सुबह पांच बजे से ही की-मेन की ओर से अतिरिक्त सघन जांच करने के निर्देश दिए गए हैं। उन्हें शीतकालीन प्रशिक्षण के साथ-साथ किसी भी कठिन परिस्थिति से निपटने के लिए अतिरिक्त जोगल प्लेट-फिश प्लेट ज्वांइट उपलब्ध करवाए गए है। रेल पटरियों के तापमान पर निरंतर निगरानी रखी जा रही है तथा सभी रूट पर फिटिंग्स की सम्पूर्णता सुनिश्चित की जा रही है। रेल सुपरवाइजर्स तथा अधिकारियों की ओर से रात्रिकालीन फुट प्लेट निरीक्षण नियमित रूप से किए जा रहे है। रेल फ्रेक्चर तथा वेल्डिंग में कमी की समीक्षा कर उन्हें सुधारा जा रहा है। ट्रेक के डीस्ट्रेसिंग के दौरान पटरी को काट कर उसके तनाव को खत्म कर पुन: जोड़ा जाता है, जिससे फ्रेक्चर की सम्भावना नहीं रहती है। समय-समय पर पुरानी पटरियों को नई पटरियों से बदला जा रहा है। रेल पटरी के जोड़ों पर आँइलिंग व ग्रीसिंग का कार्य करते समय आवर्धक लैंस द्वारा फ्रेक्चर की पहचान सूक्ष्म तरीके से की जाती है।

Published on:
04 Dec 2018 01:33 pm