
रामदेवरा ( जैसलमेर ). पश्चिमी राजस्थान के प्रमुख रेलवे स्टेशनों के स्टेशन मास्टरों की महत्वपूर्ण बैठक शनिवार को रामदेवरा रेलवे स्टेशन पर आयोजित हुई। ऑल इंडिया स्टेशन मास्टर एसोसिएशन, जोधपुर मंडल के तत्वावधान में आयोजित बैठक में फलोदी से जैसलमेर के बीच स्थित विभिन्न रेलवे स्टेशनों के स्टेशन मास्टरों ने भाग लेकर रेल संचालन, सुरक्षा और कर्मचारियों से जुड़े मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की। बैठक की अध्यक्षता जोधपुर मंडल के डिवीजन सेक्रेटरी कमलकांत मीणा ने की। उन्होंने कहा कि रेलवे संचालन में सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है। प्रत्येक स्टेशन मास्टर को अपने दायित्वों का निर्वहन पूरी सतर्कता, जिम्मेदारी और निर्धारित सुरक्षा मानकों के अनुरूप करना चाहिए, ताकि यात्रियों को सुरक्षित और सुचारु रेल सेवा मिल सके।
बैठक के दौरान कार्यस्थलों पर आने वाली व्यावहारिक समस्याओं, संसाधनों की उपलब्धता तथा कर्मचारियों के लिए बेहतर कार्य वातावरण उपलब्ध कराने की आवश्यकता पर विचार-विमर्श हुआ। स्टेशन मास्टरों ने अपने-अपने स्टेशनों पर आने वाली चुनौतियों और आवश्यकताओं से अवगत कराया। उनका कहना था कि समस्याओं का समय पर समाधान होने से कार्यकुशलता बढ़ेगी और रेल संचालन अधिक प्रभावी बन सकेगा। बैठक में पश्चिमी राजस्थान में पड़ रही भीषण गर्मी का मुद्दा भी प्रमुखता से उठा। स्टेशन मास्टरों ने ड्यूटी के दौरान पर्याप्त पेयजल, बेहतर विश्राम व्यवस्था तथा अन्य आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने की मांग रखी, ताकि विपरीत मौसम में भी वे पूरी क्षमता के साथ अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन कर सकें।
बैठक में पोकरण के ट्रैफिक इंस्पेक्टर नागेंद्र कुमार भी मौजूद रहे। उन्होंने स्टेशन मास्टरों की समस्याएं सुनते हुए आश्वासन दिया कि सभी उचित मांगों और समस्याओं से उच्च अधिकारियों को अवगत कराया जाएगा तथा उनके समाधान के लिए आवश्यक प्रयास किए जाएंगे।बैठक की शुरुआत में रामदेवरा रेलवे स्टेशन पर स्टेशन मास्टरों ने डिवीजन सेक्रेटरी कमलकांत मीणा का माल्यार्पण कर स्वागत किया। अंत में ट्रैफिक इंस्पेक्टर नागेंद्र कुमार ने सभी प्रतिभागियों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि स्टेशन मास्टरों के सुझाव रेलवे व्यवस्था को अधिक सुरक्षित, प्रभावी और यात्रीहितैषी बनाने में महत्वपूर्ण साबित होंगे। बैठक सौहार्दपूर्ण वातावरण में संपन्न हुई।
लाठी कस्बे में अंबेडकर कॉलोनी से रेलवे फाटक की ओर जाने वाले मुख्य मार्ग पर झूलते बिजली के तार लोगों के लिए खतरा बने हुए हैं। तारों के अत्यधिक नीचे होने से कभी भी बड़े हादसे की आशंका है। ग्रामीणों की बार-बार शिकायतों के बावजूद विद्युत विभाग ने समस्या समाधान के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाया है। ग्रामीण मेघराज राठौड़ ने बताया कि इस मार्ग पर दो बिजली पोलों के बीच अधिक दूरी है और बीच में अतिरिक्त पोल नहीं होने से तार नीचे लटक रहे हैं। इस मार्ग से प्रतिदिन बड़ी संख्या में दुपहिया, चार पहिया वाहन तथा ग्रामीण आवागमन करते हैं, जिससे हर समय दुर्घटना का डर बना रहता है।