
पोकरण. कस्बे के राजकीय जिला चिकित्सालय में गत चार माह से इंसुलिन इंजेक्शन उपलब्ध नहीं होने के कारण मधुमेह के मरीजों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। मरीजों को बाजार से महंगे दामों में इंजेक्शन खरीदने पड़ रहे हैं। यह जिला स्तरीय चिकित्सालय है, जहां प्रतिदिन 800 से एक हजार मरीज उपचार के लिए आते हैं। क्षेत्र के मधुमेह मरीजों के लिए यहां नि:शुल्क दवाइयां व इंसुलिन इंजेक्शन की व्यवस्था है। पोकरण अस्पताल में चार तरह के इंसुलिन इंजेक्शन आते हैं, जिनमें से रेग्युलर व न्यूट्रल दो इंसुलिन इंजेक्शन वर्तमान में उपलब्ध नहीं हैं। केन्द्र सरकार की नई गाइडलाइन के अनुसार इन्हीं इंजेक्शनों की रोगियों को परामर्श दी जाती है। करीब चार माह से इनकी आपूर्ति नहीं हो रही है, जिसके कारण मधुमेह के मरीजों को बाजार से महंगे दामों में इंजेक्शन खरीदने पड़ रहे हैं। मधुमेह की बीमारी में मरीज को प्रतिदिन इंसुलिन के इंजेक्शन लगाने पड़ते हैं। अस्पताल में दो प्रकार के इंजेक्शन उपलब्ध नहीं होने से मधुमेह मरीजों को परेशानी हो रही है। इन मरीजों को बाजार से महंगे दामों में इंजेक्शन खरीदने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है। बावजूद इसके, जिम्मेदारों की ओर से कोई कवायद नहीं की जा रही है।
दोनों इंजेक्शन की मांग भेजी गई है, लेकिन वे जिला औषध भंडार में उपलब्ध नहीं हैं। उन्होंने कहा कि उच्चाधिकारियों से स्वीकृति लेकर स्थानीय स्तर पर बाजार से इंजेक्शन खरीदने और मरीजों को वितरित करने की वैकल्पिक व्यवस्था की जाएगी।
- प्रकाश चौधरी, प्रमुख चिकित्सा अधिकारी, राजकीय जिला चिकित्सालय, पोकरण
पीएमश्री केंद्रीय विद्यालय सीमा सुरक्षा बल के शिक्षकों ने रामदेवरा रोड पर वाटर कूलर स्थापित किया है। सामाजिक उत्तरदायित्व एवं जनसेवा की भावना को साकार करते हुए विद्यालय के शिक्षकों ने आमजन, राहगीरों और रामदेवरा आने वाले लाखों श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए 100 लीटर का वाटर कूलर लगाया है। प्राचार्य विष्णुदत्त टेलर ने बताया कि भीषण गर्मी के मौसम में यहां से प्रतिदिन सैकड़ों लोग गुजरते हैं, जिन्हें इस वाटर कूलर से शुद्ध व ठंडा पानी मिलेगा और राहत मिलेगी। जनहितकारी कार्य में महेंद्र गहलोत, अश्विनी शर्मा, सायरसिंह, सुनील नेहरा, विक्रमराम, संदीप मुंडेल ने सहयोग किया। मोहम्मद रफीक व मोहम्मद कासम ने स्थापना व व्यवस्था में सहायता की। मंगलवार को इस वाटर कूलर का शुभारंभ किया गया।