पोकरण कस्बे में इन दिनों राज्य सरकार की ओर से दी गई 25 करोड़ रुपए की राशि से सीवरेज लाइन लगाने का कार्य किया जा रहा है, लेकिन कार्य के दौरान की जा रही लापरवाही आमजन के लिए सिरदर्द बन गई है।
पोकरण कस्बे में इन दिनों राज्य सरकार की ओर से दी गई 25 करोड़ रुपए की राशि से सीवरेज लाइन लगाने का कार्य किया जा रहा है, लेकिन कार्य के दौरान की जा रही लापरवाही आमजन के लिए सिरदर्द बन गई है। कस्बे में फलसूंड रोड के बाद अब जोधपुर रोड पर चल रहे कार्य के दौरान सड़क को जगह-जगह से क्षतिग्रस्त कर दिया गया है।
जिसकी मरम्मत नहीं किए जाने के कारण लोग परेशान हो रहे है।गौरतलब है कि राज्य सरकार की ओर से कस्बे में सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट बनाने व सीवरेज लाइन लगाने के लिए 25 करोड़ रुपए की राशि स्वीकृत की गई थी, जिससे 3 एमएलडी का प्लांट का निर्माण होना है। इसके साथ ही 11.300 किलोमीटर पाइप लगाने है। सरकार की ओर से राजस्थान शहरी पेयजल सीवरेज एवं अवसंरचना निगम लिमिटेड रुडसीको को राशि आवंटित करने के बाद कस्बे में कार्य भी शुरू कर दिया गया है। कस्बे में फलसूंड रोड पर पाइप लगाने का कार्य पूर्ण हो चुका है और अब जोधपुर रोड पर कार्य प्रगति पर है।
रुडसीको की ओर से कार्यकारी एजेंसी को सड़कों को तोडऩे के लिए संबंधित विभाग से अनुमति लेने के निर्देश दिए गए है। साथ ही एक क्षेत्र में कार्य पूर्ण कर वहां सड़क की मरम्मत की जानी है। जबकि सड़कों को तोडऩे से पूर्व न तो कोई अनुमति नहीं ली गई है, न ही वापिस मरम्मत की जा रही है। फलसूंड रोड पर स्थित गौरव पथ के किनारों को कई जगहों से तोड़ दिया गया है। इसी प्रकार जोधपुर रोड की सड़क और तिरुपतिनगर कॉलोनी जाने वाली सड़क को भी तोड़ा गया है। जिनकी अभी तक मरम्मत नहीं की गई है।
तिरुपतिनगर में कस्बे की घनी आबादी निवास करती है। इस मार्ग को तोडऩे के बाद कुछ कंकरीट डालकर छोड़ दी गई है। इस कंकरीट व रेत में आए दिन वाहन फंस रहे है। जिससे उन्हें परेशानी हो रही है। साथ ही आवागमन भी मुश्किल हो गया है। इसी प्रकार जोधपुर रोड पर जहां कार्य चल रहा है, वहां पर पूरी सड़क को मिट्टी से भर दिया गया है। जिससे आमजन को आवागमन में परेशानी हो रही है। बावजूद इसके जिम्मेदारों की ओर से कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा है। जिससे यहां किसी बड़े हादसे से भी इनकार नहीं किया जा सकता।
सड़कों को तोडऩे के लिए पहले कोई अनुमति नहीं ली गई है। इस पर संबंधित कार्यकारी एजेंसी को नोटिस दिया गया। जिस पर सड़कों की मरम्मत का भरोसा दिलाया गया है।
- हर्षवर्धन डाबी, अधिशासी अभियंता सार्वजनिक निर्माण विभाग, पोकरण