रामदेवरा में पिछले 72 घंटे से लगातार हो रही भारी बरसात के चलते रुणीचा कुआ रोड के समीप बरसाती नदी की टूटी यानी आड रेत की दीवार से बरसाती पानी नदी के रूप में बहने से क्षेत्र के रहवासी दर्जनों मकान शनिवार को बरसाती पानी से घिर गए है।
रामदेवरा में पिछले 72 घंटे से लगातार हो रही भारी बरसात के चलते रुणीचा कुआ रोड के समीप बरसाती नदी की टूटी यानी आड रेत की दीवार से बरसाती पानी नदी के रूप में बहने से क्षेत्र के रहवासी दर्जनों मकान शनिवार को बरसाती पानी से घिर गए है। ग्रामीणों की सूचना पर प्रशासन की टीम ने समय रहते बरसाती नदी की आड को सही किया। टूटी आड से दो बस्तियों के कई रहवासी मकान के लिए खतरे बना हुआ था। जानकारी के अनुसार एका घाटी पर हुई मूसलाधार बारिश से शुक्रवार की दोपहर 3:00 बजे शुरू हुई बरसाती नदी तेज प्रेशर के साथ बहने लगी। शुक्रवार शाम को ही रेलवे अंडर पास पुलिया नंबर 166 के पास बरसाती नदी की टूटी हुई आड से बरसाती पानी पूरे वेग के साथ बहता हुआ रेलवे के अंडर ब्रिज 85 से होता हुआ रुणीचा कुआ सडक़ मार्ग से बहने लगा। पानी का बहाव इतना तेज था कि सडक़ का डामर और कंक्रीट ताश के पत्ते की तरह बिखर गया। पूरी रात तेज प्रेशर से बहे पानी ने शनिवार को भी अपना रौद्र रूप जारी रखा। बरसाती पानी से रुणिचा कुआ बस्ती के मकान तो पानी से घिरे ही राजीव गांधी कुष्ठ कॉलोनी की सडक़े और मकान भी इसी बरसाती नदी के पानी से घिर गए। ग्रामीणों ने बरसाती नदी की टूटी आड की सूचना स्थानीय प्रशासन को दी। स्थानीय प्रशासन ने मौका स्थल का निरक्षण दो जेसीबी मशीन लगाकर टूटी आड को सही किया । टूटी आड को सही करने के दौरान रामदेवरा ग्राम पंचायत के ग्राम विकास अधिकारी चौथाराम सोलंकी, वरिष्ठ लिपिक आंबाराम कुमावत, ग्राम पंचायत लिपिक पुरखाराम जयपाल, लक्ष्मण वानर, सवाई सैन, खेतसिंह, चतुरसिंह सहित कई ग्रामीण मौके पर उपस्थित रहे।
एका घाटी से आया बरसाती पानी रुणिचा कुआ के रोड के दक्षिण दिशा में बहने वाली नदी से बहता हुआ रामसरोवर में जाता है। वर्तमान में रामसरोवर तालाब लबालब पानी से भरा हुआ होने से नदी से आया बरसाती पानी टूटी आड से होता हुआ बस्तियों में जा रहा था। शनिवार को पूरे दिन पूरे वेग के साथ बरसाती पानी बहा। समय रहते प्रशासन ने टूटी हुई आड को दुरुस्त कर दिया गया।
रेलवे और जलदाय विभाग दारा गत साल रुणिचा कुआ की दक्षिण दिशा में बहने वाली नदी की आड के पास से अपने कार्य किए थे। इस दौरान बरसाती नदी की आड भी क्षतिग्रस्त हो गई थी। क्षतिग्रस्त हुई आड को पिछले एक साल से सही करने की तरफ किसी का ध्यान ही नही गया। शनिवार को टूटी आड सही होने पर सभी ने राहत की सांस ली।