
पोकरण. कस्बे के बीचोंबीच स्थित ऐतिहासिक सालमसागर तालाब की बदहाली को लेकर आमजन में भी नाराजगी है। पत्रिका की ओर से आयोजित अभियान के तहत परिचर्चा में लोगों ने वर्षों से उपेक्षा के शिकार सालमसागर तालाब के कायाकल्प की बात कही है। उन्होंने तालाब पर धीमी गति से चल रहे कार्यों पर रोष जताया। लोगों ने सालमसागर तालाब के कार्य को कागजों से बाहर निकालकर निर्धारित समय-सीमा में पूर्ण करने की मांग की।
पोकरण का सालमसागर तालाब स्थानीय धरोहर व पहचान है, जिसके जीर्णोद्धार का इंतजार है। वरिष्ठ लोग यहां भ्रमण के लिए आते है, लेकिन अधूरे कार्य से परेशानी होती है। धरोहर के संरक्षण के लिए सौंदर्यकरण व विकास के कार्य को जल्द पूर्ण करने की दरकार है।
- कैलाश पुरोहित, स्थानीय निवासी
सालमसागर तालाब ले-आउट के अनुसार पूर्ण विकसित होता है और यहां नौकायन, फव्वारे, रोशनी की व्यवस्था की जाती है तो लोगों को रोजगार भी मिल जाता है। साथ ही पोकरण के पर्यटन व्यवसाय को भी गति मिलेगी। यहां चल रहे विकास कार्य को शीघ्र पूर्ण करने की जरुरत है।
- सत्यनारायण प्रजापत, स्थानीय निवासी
पोकरण में घूमने व बैठने के लिए उचित जगह नहीं है। सालमसागर तालाब का जीर्णोद्धार कार्य शीघ्र पूर्ण होता है तो युवाओं को दो घड़ी सुकून के पल बिताने के लिए जगह मिलेगी। यहां ओपन जिम व वाई-फाई जैसी सुविधाएं भी हो तो पढ़ाई के साथ फिटनेस के लिहाज से भी बेहतरीन होगा।
- सूर्या विश्नोई, स्थानीय निवासी
जैसलमेर जाने वाले पर्यटकों और रामदेवरा आने वाले श्रद्धालुओं की संख्या हजारों में है, लेकिन पोकरण में इनका ठहराव कम ही हो पाता है। तालाब के सौंदर्यकरण से पर्यटकों व श्रद्धालुओं को घूमने व कुछ देर बिताने की जगह मिल सकेगी।
- अशरफअली मेहर, स्थानीय निवासी
सालमसागर तालाब के अधूरे कार्य के कारण यहां अभी तक रोशनी की पर्याप्त व्यवस्था नहीं है। प्रतिदिन बड़ी संख्या में महिलाएं यहां घूमने के लिए आती है। जिन्हें रोशनी के अभाव में परेशानी होती है। साथ ही उनके लिए सुरक्षा के भी बंदोबस्त की आवश्यकता है।
- ललिता, गृहणी
तालाब के चारों तरफ निर्माण सामग्री बिखरी पड़ी है। अधूरे कार्य के कारण यहां घूमना तो दूर गुजरना भी मुश्किल हो रहा है। साथ यहां कचरे व गंदगी के भी ढेर लगे है। जिससे परेशानी होती है।
- हेमलता भाटी, युवती