
जैसलमेर. यात्रा में शामिल महिलाएं भजन-कीर्तन करते हुए।
जैसलमेर. गोवंश की सुरक्षा, सेवा और सम्मान को लेकर सोमवार को जैसलमेर में गो-सम्मान आह्वान अभियान के तहत यात्रा निकाली गई। खाद्य व्यापार गो-सेवा संघ की ओर से आयोजित यात्रा में संतों, सामाजिक संगठनों से जुड़े लोगों और बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने भाग लिया। ढोल-मंजीरों की धुन और गो-भजनों के बीच निकली यात्रा ने शहर में गो-संरक्षण का संदेश दिया। यात्रा गड़ीसर गेट से संतों के आशीर्वाद के साथ शुरू हुई। इस दौरान श्रद्धालु गो-सेवा और गो-रक्षा के जयकारे लगाते हुए शहर के प्रमुख मार्गों से गुजरे।
यात्रा का उद्देश्य गोवंश संरक्षण को लेकर जनजागरूकता बढ़ाना और सरकार के समक्ष विभिन्न मांगें रखना रहा। शहर के गड़ीसर गेट से रवाना हुई यात्रा गुलासतला रोड, आसनी रोड, गोपा चौक, सदर बाजार, गांधी चौक और हनुमान चौराहा होते हुए कलेक्ट्रेट पहुंची। यात्रा में शामिल श्रद्धालुओं के हाथों में धार्मिक ध्वज दिखाई दिए। ढोल और मंजीरों के साथ गो-भजन गूंजते रहे। पूरे मार्ग पर श्रद्धालुओं ने गोवंश संरक्षण को लेकर संदेश दिया। यात्रा में भाजपा जिलाध्यक्ष दलपत हींगड़ा, महंत बाल भारती महाराज सहित कई संत और स्थानीय लोग शामिल हुए। संतों की मौजूदगी ने आयोजन को धार्मिक और सामाजिक स्वरूप प्रदान किया।
कलेक्ट्रेट पहुंचने के बाद गो-सेवा संघ पदाधिकारियों और संतों ने एसडीएम के माध्यम से राजस्थान के राज्यपाल के नाम स्मरण पत्र सौंपा। स्मरण पत्र में गाय को राजस्थान में राज्य माता और केंद्र सरकार स्तर पर राष्ट्रमाता घोषित करने की मांग रखी गई। इसके साथ ही गो-हत्या पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने, गोवंश संरक्षण के लिए प्रभावी कदम उठाने और गो-आधारित अर्थव्यवस्था को मजबूत करने की मांग भी शामिल की गई।
गो-सम्मान आह्वान अभियान से जुड़े पदाधिकारियों ने बताया कि मांगों को लेकर इससे पहले 27 अप्रैल 2026 को सरकार को पत्र भेजा गया था। अब दोबारा स्मरण पत्र सौंपकर सरकार का ध्यान आकर्षित किया गया है। अभियान से जुड़े लोगों के अनुसार अब तक 3 लाख 10 हजार लोगों ने हस्ताक्षर कर समर्थन दिया है। आयोजकों ने इसे गो-संरक्षण को लेकर समाज की बढ़ती भागीदारी का संकेत बताया। आयोजन से जुड़े लोगों के अनुसार गोवंश संरक्षण के साथ गो-आधारित उत्पादों, जैविक खेती और ग्रामीण रोजगार के अवसरों को भी बढ़ावा देने की जरूरत है। उन्होंने सरकार से ऐसी नीतियां बनाने की मांग की, जिनसे गोवंश संरक्षण के साथ ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिल सके।
जैसलमेर में निकली गो-सम्मान यात्रा धार्मिक आयोजन के साथ एक सामाजिक अभियान के रूप में भी सामने आई। यात्रा के माध्यम से आयोजकों ने गोवंश संरक्षण को लेकर अपनी मांगें सरकार तक पहुंचाने का प्रयास किया।
Updated on:
27 Jul 2026 08:30 pm
Published on:
27 Jul 2026 08:30 pm
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