सत्संग करता है मन की शुद्धि : महंत
पोकरण. कस्बे के आशापुरा मंदिर जाने वाले मार्ग पर मालियों का बास में स्थित रामनाथ महाराज के आश्रम में चल रही कथा के दौरान सोमवार को कृष्ण जन्माष्टमी के मौके पर तारातरा मठ के महंत प्रतापपुरी महाराज ने प्रवचन किए। उन्होंने कहा कि सत्संग, श्रीराम कथा, श्रीमद् भागवत कथा व अन्य कथाओं के श्रवण से मन की शुद्धि होती है तथा मोक्ष मिलता है। उन्होंने कहा कि जिस प्रकार पौधे को बचाने के लिए बाड़ बनाई जाती है, उसी प्रकार सांसारिक मोह, लोभ, अहंकार से बचने के लिए सत्संग रूपी बाड़ होती है। जिससे आत्मिक विकास पुष्ट होता है तथा सांसारिक आकर्षणों के हमले से बचकर अपने लक्ष्य की तरफ बढ़ सकते है। उन्होंने कहा कि सत्संग से मिलने वाली प्रेरणा से आध्यात्मिक मार्ग पर तेजी से प्रगति मिल सकती है। साथ ही आत्मा को परमात्मा से मिलाने का लक्ष्य भी पूरा किया जा सकता है। उन्होंने संतों का सम्मान करने, गायों की रक्षा करने, नशे की प्रवृति से दूर रहने की बात कही। इस मौके पर कथावाचक संत दीपाराम महाराज ने प्रवचन करते हुए भगवान श्रीकृष्ण के जन्म की कथा सुनाई।