स्वयं सहायता समूहों को संचालित करने वाली महिलाएं अपने अनुभव और ज्ञान से समाज की अन्य महिलाओं व युवतियों को दिशा प्रदान करने का कार्य कर रही हैं।
स्वयं सहायता समूहों को संचालित करने वाली महिलाएं अपने अनुभव और ज्ञान से समाज की अन्य महिलाओं व युवतियों को दिशा प्रदान करने का कार्य कर रही हैं। महिलाओं और युवतियों को स्वयं सहायता समूह से जोडक़र उन्हें स्वावलंबन की डगर पर चलने की राह दिखा रही हैं। रामदेवरा की कई महिलाएं अब तक सैकड़ों स्वयं सहायता समूहों से हजारों महिलाओं को साथ जोडक़र उन्हें रोजगार उपलब्ध करवा रही हैं। ऐसे में महिलाएं जहां आगे बढऩे, आत्मनिर्भर बन रही हैं, वहीं आर्थिक रूप से भी सशक्त बन रही हैं। जयश्री कृष्ण स्वयं सहायता समूह की सदस्य भगवती थानवी बताती है कि स्वयं सहायता के माध्यम से घर बैठे महिलाए रोजगार करके अपने परिवार के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। महिलाओं को स्वयं सहायता समूह की बैठकों में भी काफी जानकारी नए रोजगार आदि की मिलती हैं। ग्रामीण महिलाएं आर्थिक रूप से सशक्त होकर अपनी पहचान बना रही है।
समूह की महिलाओं को आगे बढ़ाने में राष्ट्रीय ग्रामीण् आजीविका विकास परिषद की विशेष भूमिका रही है। इससे जुडक़र महिलाएं आर्थिक रूप से मजबूत हुई है। समूह की महिलाओं के बनाए उत्पादों को बाजार तक लाने और उसका सही मूल्य दिलाने का काम भी किया जा रहा है। इसके लिए देश भर में लगने वाले मेलो, प्रदर्शनियों व अन्य आयोजनो में महिलाओं के उत्पाद बेचे जा रहे हैं। एक जगह से दूसरी जगह जाने पर महिलाओं को कुछ नया भी सीखने को मिल रहा है। राजीविका की ओर से महिलाओं को नए नए काम का प्रशिक्षण देने के लिए कार्यशालाओं का आयोजन भी किया जाता है।
ग्रामीण क्षेत्र की महिलाए अब रोजगार से घर की आय में अपनी भूमिका निभा रही हैं। स्वयं सहायता समूहों से जो महिलाए नहीं जुड़ी है। वो अपनी जमा पूंजी से खुद ही रोजगार कर रही है। जिसमें वो खुद कार्य करने के साथ अन्य महिलाओं को भी काम सीखा कर रोजगार से जोड़ रही है। जिसमें सिलाई,कढ़ाई, बुनाई ,मेकअप आदि रोजगार है। वहीं सरकार की नरेगा योजना के माध्यम से भी रामदेवरा क्षेत्र की हजारों महिलाए रोजगार प्राप्त कर रही है।
महिला सशक्तिकरण एक ऐसी मुहिम है । जो पुरुषों और महिलाओं के बीच सामाजिक, आर्थिक और राजनीतिक विभाजन को खत्म करने का प्रयास करता है। महिला सशक्तिकरण के चलते आज महिलाए रोजगार के सरकारी हो निजी क्षेत्र,राजनीति हो या खेलकूद हर क्षेत्र में अपनी क्षमता को प्रदर्शित करके मान सम्मान पा रही है। महिला सशक्तिकरण ही है जिसके चलते महिलाओं को आज सबसे आगे प्राथमिकता मिलती है। महिला सशक्तिकरण ने महिलाओं को आगे बढऩे का अवसर प्रदान किया है।
-168 महिला स्वयं सहायता समूहों का हो रहा संचालन
-2000 से अधिक महिलाए जुड़ी है स्वयं सहायता समूह से
रोजगार में राहत
स्वयं सहायता समूह से महिलाओं को घर बैठे रोजगार में काफी राहत मिलती है।