जैसलमेर

जैसलमेर के इस गांव में मिली दो ऐसी बमनुमा संदिग्ध वस्तु, मच गया हडक़म्प,देखें वीडियो

लाठी गांव के प्राचीन दुर्ग के पास एक बंद मकान मे रविवार को दो बमनुमा संदिग्ध वस्तएुं मिलने से हडक़म्प मच गया।
2 min read
Aug 12, 2018
Sensation by found Suspicious object Like bombs in lathi
जैसलमेर के इस गांव में मिली दो ऐसी बमनुमा संदिग्ध वस्तु, मच गया हडक़म्प,देखें वीडियो

जैसलमेर. लाठी गांव के प्राचीन दुर्ग के पास एक बंद मकान मे रविवार को दो बमनुमा संदिग्ध वस्तएुं मिलने से हडक़म्प मच गया। सूचना पर लाठी पुलिस तुरंत मौके पर पहुंची और आर्मी को इसकी सूचना दी, जिस पर पोकरण फील्ड फायरिग रेंज ठेकेदार सहित अन्य अधिकारी भी मौके पर पहुंचे। गौरतलब है कि लाठी गांव के प्राचीन दुर्ग के पास एक बंद मकान में दो बमनुमा वस्तएुं देखी गई। इस पर ग्रामीणों ने पुलिस को सूचित किया। पुलिस व आर्मी के अधिकारियों ने मौके पर पंहुचकर बमनुमा वस्तुओ का निरीक्षण किया। निरीक्षण के बाद उन्होंने बताया कि यह संदिग्ध बमनुमा वस्तुएं बम नहीं है। इसमे एक गैस सिंलेण्डर का पुराना रेगुलेटर व दूसरा पुराने फटे हुए बम का खोल है। ग्रामीणो के अनुसार फील्ड फायरिंग नजदीक होने के कारण क्षेत्र मे कई बार बम व बम के खोल मिल रहे है, जिससे दहशत फैल रही है। इस संबंध में ग्रामीणों की ओर से लाठी पुलिस को इस बारे में जानकारी देने के बाद पुलिस मौके पर पहुंची और आर्मी को इसकी सूचना दी। सूचना पर रेंज ठेकेदार सहित अन्य अधिकारी भी तुरंत मौके पर पहुंचे और बम की तरह दिखने वाली वस्तुओं की जांच शुरू की। ऐसे में एक बमनुमा वस्तु गैस सिलेंडर का रेगुलेटर निकला व दूसरी वस्तु पुराना फटा हुआ बम का खोल मिला। गौरतलब है कि इलाके में बम मिलने का सिलसिला जारी है, लेकिन सुरक्षा एजेंसियां व आर्मी एजेंसी गंभीर नहीं नजर आ रही है। पोकरण फिल्ड़ फायरिंग रेंज के आसपास के इलाकों में दर्जनों बार बम और बम के खोल मिलने से ग्रामीणों में दहशत का माहौल बन जाता है, लेकिन रोकथाम करने में नाकाम नजर आ रहे हैं।

छह माह से जलापूर्ति बंद, ग्रामीण परेशान
लाठी. ग्राम पंचायत सोढाकोर के मेघवंशी मोहल्ले में स्थित जीएलआर में गत छह माह से जलापूर्ति बंद होने के कारण ग्रामीणों को पेयजल संकट से रूबरू होना पड़ रहा है। गांव के सवाईसिंह, बाबूसिंह, रघुवीरसिंह, श्यामकुमार, डोलाराम, चेलाराम सहित ग्रामीणों ने बताया कि जीएलआर में गत छह माह से जलापूर्ति बंद होने के कारण उन्हें ट्रैक्टर टंकियों से पानी खरीदकर मंगवाना पड़ रहा है। यहां निर्मित पशुकुण्ड भी सूखा पड़ा है। जिससे पशुओं को पानी के लिए इधर उधर भटकना पड़ रहा है। ग्रामीणों ने बताया कि दो माह पूर्व गांव में एक नलकूप खुदवाया गया तथा इस जीएलआर को जोडऩे के लिए पाइपलाइन भी स्वीकृत कर दी गई, लेकिन जलदाय विभाग की ओर से पाइपलाइन जोडक़र जलापूर्ति सुचारु नहीं की जा रही है। जिससे ग्रामीणों को परेशानी हो रही है।

Published on:
12 Aug 2018 08:53 pm