सीमांत मरुस्थलीय जैसलमेर शहर सहित जिले भर में प्रचंड गर्मी किसी तरह की रियायत देने के मूड में नजर नहीं आ रही है। गत दिनों से जारी भीषण गर्मी और लू के थपेड़ों का दौर मंगलवार को भी जारी रहा। सुबह 10 बजे से सायं 6.00 बजे तक गर्मी हैरान-परेशान करती रही।
सीमांत मरुस्थलीय जैसलमेर शहर सहित जिले भर में प्रचंड गर्मी किसी तरह की रियायत देने के मूड में नजर नहीं आ रही है। गत दिनों से जारी भीषण गर्मी और लू के थपेड़ों का दौर मंगलवार को भी जारी रहा। सुबह 10 बजे से सायं 6.00 बजे तक गर्मी हैरान-परेशान करती रही।
दोपहर और अपराह्न के समय तक तो आम जनजीवन मानो ठहर-सा गया। सडक़ें और चौक-चौराहें काफी हद तक सूनसान नजर आए। बाजारों में ग्राहकी का दौर मंदा बना हुआ है। मौसम विभाग के अनुसार दिन का अधिकतम तापमान 45.8 और न्यूनतम 28.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। राजस्थान भर में जैसलमेर तीसरा सबसे गर्म शहर बना। पहले और दूसरे स्थान पर क्रमश: बाड़मेर व फलोदी रहे। मौसम विभाग ने बुधवार को भी जैसलमेर सहित बाड़मेर व फलोदी के अलग-अलग स्थानों पर भीषण लू और गर्म रात होने की प्रबल सम्भावना जताई है। आपदा प्रबंधन, सहायता एवं नागरिक सुरक्षा विभाग राजस्थान की ओर से आमजन को सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।
मई माह का दूसरा सप्ताह चल रहा है और भीषण गर्मी अपना रौद्र रूप दिखा रही है। मंगलवार को भीषण गर्मी का सितम बरकरार रहा। तापमान 45 से 46 डिग्री तक पहुंच गया। क्षेत्र में भीषण गर्मी व लू का दौर लगातार जारी है। हालात यह है कि दिन चढऩे के साथ सूर्य की किरणें तेज हो जाती है और सुबह 9 बजे बाद लू के थपेड़ों से आमजन का बेहाल हो जाता है एवं लोगों का घरों से निकलना मुश्किल हो जाता है।
मंगलवार को भी दिन चढऩे के साथ सूर्य की तेज किरणें निकली। सुबह 9 बजे बाद लू के थपेड़ों के कारण आम जनजीवन प्रभावित हो गया। दोपहर में भीषण गर्मी व लू के थपेड़ों के कारण लोगों का घरों से निकलना मुश्किल हो गया और घरों में रुककर विश्राम किया। जिससे मुख्य मार्गों पर चहल पहल कम नजर आई। गर्मी का दौर देर शाम तक भी जारी रहा, जिससे जनजीवन प्रभावित हुआ। दिन भर शीतल खाद्य व पेय पदार्थों की दुकानों पर भी भीड़ देखी गई।
भणियाणा उपखंड क्षेत्र के विभिन्न गांवों में जलापूर्ति बंद होने के कारण ग्रामीणों को परेशानी हो रही है। ग्राम पंचायत खेलाणा के भिणाजपुरा निवासी सिकंदर जंज सहित ग्रामीणों ने बताया कि जलापूर्ति बंद होने के कारण उन्हें महंगे दामों में पानी खरीदकर मंगवाना पड़ रहा है। इसके साथ ही मवेशी पानी के लिए इधर उधर भटक रहे है, जिसको लेकर कई बार अवगत करवाने के बाद भी जलापूर्ति सुचारु नहीं की जा रही है। उन्होंने गांव में जलापूर्ति सुचारु करने और राहत दिलाने की मांग की।