
जैसलमेर. जिला मुख्यालय स्थित जैसलमेर केंद्रीय को-ऑपरेटिव बैंक से 6 महीने पहले मृत हो चुके एक किसान के खाते से दो बार में 15 हजार रुपए निकालने का मामला सामने आया है। यह मामला बैंक के प्रशासक और जिला कलक्टर तक पहुंचा, उन्होंने मामले को गंभीरता से लेते हुए बैंक प्रशासन को जांच के लिए निर्देश जारी किए। इस घटना से जेसीसीबी को ऑपरेटिव बैंक में मृतक व्यक्ति के खाते से पैसे निकालने के मामले पर अब बैंक की कार्यप्रणाली पर बड़े सवाल खड़े हो गए हैं। जानकारी के अनुसार किसान जुम्मा खां की मृत्यु करीब 6 महीने पहले इस वर्ष 5 जनवरी को हुई थी। इस बीच को-ऑपरेटिव बैंक में मृतक के खाते से दो बार में 15 हजार रुपए की राशि निकाली गई। इनमें 2 अप्रेल को 5000 और 6 मई को 10 हजार रुपए निकाले गए हैं। ऐसे में यह सवाल खड़ा हो गया कि खाताधारक की मृत्यु हो जाने के बाद विड्रॉल से उसके खाते से कैसे भुगतान किया गया और किसने यह राशि निकाली?
इस संबंध में जैसलमेर कलक्टर तक जब मामला पहुंचा तो कलक्टर ने बैंक से स्पष्टीकरण मांगा। कलक्टर ने बैंक के खिलाफ शिकायत की जांच के आदेश दिए हैं। इस बीच कई लोग यह सवाल उठा रहे हैं कि यदि बैंक में खाता धारकों की जगह कोई दूसरा व्यक्ति किस तरह से राशि निकाल सकता है?
इस पूरे मामले पर पत्रिका ने बैंक के प्रबंध निदेशक ओमपालसिंह भाटी से बात की। जिसमें उन्होंने बताया कि प्रशासक और कलक्टर के निर्देशानुसार जांच करवाई गई। जिसमें सामने आया कि मृतक के दस्तखत किए गए विड्रॉल से उसके पुत्र ने राशि निकाली है। भाटी ने बताया कि इस मामले में बैंक स्तर पर कहां-कहां लापरवाही हुई है, इसकी जांच भी करवाई जा रही है।
लीड बैंक जैसलमेर के तत्वावधान में म्याजलर ग्राम में खेत बचाओ अभियान और वित्तीय साक्षरता शिविर आयोजित किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य किसानों और ग्रामीणों को कृषि, बैंकिंग और वित्तीय सुरक्षा संबंधी जानकारी देना था। शिविर में लीड बैंक जैसलमेर के लीड बैंक अधिकारी कमलसिंह खींची तथा भारतीय रिजर्व बैंक के लीड डिस्ट्रिक्ट अधिकारी गोविंदसिंह उपस्थित रहे। लीड बैंक अधिकारी कमलसिंह खींची ने किसानों को बैंक ऋण, कृषि वित्त, किसान हितैषी योजनाओं और विभिन्न सरकारी योजनाओं की जानकारी दी। उन्होंने समय पर ऋण पुनर्भुगतान तथा औपचारिक बैंकिंग व्यवस्था से जुड़ने के लिए प्रेरित किया। आरबीआई के लीड डिस्ट्रिक्ट अधिकारी गोविंद सिंह ने ग्रामीणों को प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना, प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना तथा अटल पेंशन योजना के लाभों की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने साइबर अपराध, डिजिटल अरेस्ट जैसी धोखाधड़ी की घटनाओं से बचाव के उपाय बताते हुए किसी भी साइबर धोखाधड़ी की स्थिति में तत्काल राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन 1930 पर शिकायत दर्ज कराने की जानकारी भी दी।