
जैसलमेर में भीषण गर्मी के मौसम में पेयजल आपूर्ति व्यवस्था में आए दिन कोई न कोई गड़बड़ी आ जाती है। इससे सप्लाई की अवधि 3 से लेकर 5-6 दिनों के अंतराल तक खिंच जाने से आमजन का बुरा हाल हो जाता है और उन्हें सैकड़ों रुपए खर्च कर पानी खरीदना पड़ता है। संबंधित विभाग की अपनी समस्याएं हैं, लेकिन इसका खामियाजा अंतत आमजन को भुगतना पड़ता है।
गर्मी के कारण बेहाल है। गर्म हवाओं का जोर सुबह से रात तक रहता है। ऐसे में पीने के पानी की सबसे ज्यादा जरूरत रहती है। समय पर जलापूर्ति नहीं होने से लोगों को बेजा परेशानियां झेलनी पड़ रही है।
- मोहनलाल कुमावत, स्थानीय निवासी
गर्मी बढ़ते ही जैसलमेर शहर में पानी की किल्लत महसूस होने लगती है। कभी सप्लाई समय पर नहीं आती तो कभी कम दबाव से पानी पहुंचता है। प्रशासन को गर्मी शुरू होने से पहले पूरी तैयारी करनी चाहिए, ताकि लोगों को परेशानी न हो।
- प्रेम कुमार, स्थानीय निवासी
घर के कामकाज में सबसे ज्यादा दिक्कत पानी की अनियमित सप्लाई से होती है। कई बार सुबह इंतजार करना पड़ता है और पर्याप्त पानी नहीं मिलने से दिनभर परेशानी रहती है। हर वर्ग की समस्या को देखते हुए नियमित जलापूर्ति जरूरी है।
- घनश्याम बिस्सा, स्थानीय निवासी
जैसलमेर जैसे गर्म क्षेत्र में पेयजल व्यवस्था मजबूत होना बहुत जरूरी है। पाइपलाइन लीकेज, बिजली कटौती और तकनीकी खराबी के कारण सप्लाई प्रभावित होती है। प्रशासन को शिकायतों का त्वरित समाधान करना चाहिए।
नरपतराम, स्थानीय निवासी
जैसलमेर में इस साल प्रचंड गर्मी के हालात बने हुए हैं। ऐसे में आमजन को कई तरह के इंतजामों की दरकार है। प्रशासन इस मोर्चे पर कितना मुस्तैद है, इस विषय पर अपनी प्रतिक्रिया फोटो सहित निम्रनम्बर पर भिजवाएं - 9462246222
मोहनगढ़ वन विभाग रेंज नेहड़ाई के कार्यक्षेत्र एम1 माइनर की अनिवार्य वन पट्टी में अवैध रूप से पेड़ों की कटाई के मामले में कार्रवाई करते हुए एक आरोपी के खिलाफ प्रकरण दर्ज कर 50 हजार रुपए का जुर्माना लगाया है। क्षेत्रीय वन अधिकारी सुरेश विश्नोई ने बताया कि एक मई को मुखबिर से सूचना मिली थी कि एम-1 माइनर की अनिवार्य वन पट्टी में अवैध रूप से पेड़ों की कटाई की जा रही है। सूचना पर रेंज कार्यालय नेहड़ाई से वनरक्षक बाबू खान के नेतृत्व में टीम का गठन कर मौके पर भेजा गया। टीम में सुरेश, रमेश, अशोक, राकेश एवं विश्नोई वनरक्षक शामिल थे। मौके पर पहुंची टीम को कटे हुए पेड़ मिले, जिन्हें जब्त कर राजतहसील में लिया गया, जबकि आरोपी मौके पर नहीं मिला। अगले दिन 2 मई को घटनास्थल के पास स्थित भूमि मालिक देवीदान पुत्र लखदान (50) निवासी बबर मगरा, जैसलमेर को पूछताछ के लिए रेंज कार्यालय बुलाया गया। पूछताछ के दौरान आरोपी ने जुर्म स्वीकार कर लिया। इसके बाद वन विभाग ने राजस्थान वन अधिनियम 1953 के तहत मामला दर्ज कर आरोपी पर 50 हजार रुपए का जुर्माना लगाते हुए दंडित किया। वन विभाग ने आमजन से अपील की है कि वे वन क्षेत्रों में आगजनी व अवैध कटाई जैसी गतिविधियों से पेड़ों की सुरक्षा एवं संरक्षण में सहयोग करें। साथ ही किसी भी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी तुरंत नजदीकी वन विभाग कार्यालय को दें। विभाग ने स्पष्ट किया कि भविष्य में भी इस प्रकार की अवैध गतिविधियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।