सोनार दुर्ग में आवारा श्वानों का आतंक बढ़ने से बच्चों की सुरक्षा पर सवाल खड़े हो गए हैं। पिछले एक महीने में 8 से 10 बच्चों के कुत्तों के काटने की घटनाएं सामने आने से दुर्गवासियों और अभिभावकों में चिंता गहरा गई है। स्थानीय लोग नगरपरिषद से आवारा श्वानों को पकड़ने के लिए प्रभावी और स्थायी कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।

जैसलमेर. स्थानीय सोनार दुर्ग में आवारा श्वानों की स्वच्छंदता बढ़ती जा रही है। पिछले करीब एक महीने के दौरान दुर्ग क्षेत्र में करीब 8 से 10 बच्चों को कुत्तों के काटने की घटनाएं सामने आई हैं। लगातार हो रही इन घटनाओं से दुर्गवासियों और अभिभावकों में चिंता बढ़ गई है। स्थानीय लोगों के अनुसार दुर्ग की संकरी गलियों और आवासीय क्षेत्रों में आवारा श्वान घूमते रहते हैं। हालांकि उनकी तादाद ज्यादा नहीं है, लेकिन जो कम हैं, वे भी बड़ी मुसीबत बने हुए हैं। दुर्ग के ढूंढ़ा पाड़ा निवासी एक बच्चे को तो कुत्ते ने एक महीने के अंतराल में दुबारा काट खाया। ये श्वान कई बार राह चलते या अपने घर के बाहर खेल रहे बच्चों पर भी झपट पड़ते हैं। जिसके बाद उन्हें अस्पताल में उपचार और एंटी रेबीज इंजेक्शन लगवाने पड़े हैं। दुर्ग क्षेत्र के निवासियों का कहना है कि नगरपरिषद को इस समस्या से अवगत करवाए जाने पर उनकी ओर से गत दिनों औपचारिक कार्रवाई कर एक श्वान को पकड़ा गाय था। उसके बाद प्रभावी कार्रवाई नहीं होने से स्थिति जस की तस बनी हुई है। कुत्तों की ओर से दुर्ग के ढूंढ़ा पाड़ा, कुण्ड पाड़ा, लधा पाड़ा आदि में बच्चों को काट खाने की शिकायतें सामने आई हैं।
स्थानीय निवासी गौतम व्यास, मनोज कुमार, प्रेमसिंह आदि ने प्रशासन और नगरपरिषद से आवारा श्वानों को पकडऩे, उनका नसबंदी अभियान चलाने और प्रभावित क्षेत्रों में विशेष कार्रवाई करने की मांग की है। उनका कहना है कि समय रहते कदम नहीं उठाए गए तो भविष्य में और गंभीर घटनाएं हो सकती हैं क्योंकि आने वाले दिनों में पर्यटन सीजन की शुरुआत हो जाएगी और दुर्ग में प्रतिदिन बड़ी संख्या में देशी-विदेशी सैलानी भ्रमण के लिए पहुंचेंगे।
पोकरण कस्बे में जैसलमेर रोड किनारे संत लिखमीदास कॉलोनी के पूर्व में आबाद निजी कॉलोनी में लगा विद्युत पोल पूरी तरह से झुका होने के कारण हादसे को न्योता दे रहा है। गौरतलब है कि कुछ वर्ष पूर्व यहां विद्युत पोल लगाकर घरों में कनेक्शन दिए गए थे। यहां लगा एक विद्युत पोल नीचे से क्षतिग्रस्त होकर झुक गया है। जिसके कारण इसके कभी भी टूटकर धराशायी हो जाने और किसी बड़े हादसे से इनकार नहीं किया जा सकता। यहां आसपास घनी आबादी निवास करती है। लोगों ने बताया कि इस संबंध में कई बार डिस्कॉम के अधिकारियों को अवगत करवाया गया, लेकिन उनकी ओर से विद्युत पोल को ठीक करने को लेकर कोई कवायद नहीं की जा रही है। जिससे यहां हादसे की आशंका बनी हुई है।