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Jaisalmer: अंधड़ और बारिश से बिजली व्यवस्था को आया ‘करंट’…112 गांव अंधेरे में

जैसलमेर में तेज अंधड़ और बारिश ने बिजली व्यवस्था को बुरी तरह प्रभावित कर दिया है। जिले में 1403 बिजली के खम्भे क्षतिग्रस्त होने से 112 गांवों की विद्युत आपूर्ति ठप हो गई, जबकि कई इलाकों में बुधवार देर तक बहाली नहीं हो सकी। डिस्कॉम ने सबसे अधिक प्रभावित मोहनगढ़ और रामगढ़ क्षेत्रों में युद्धस्तर पर मरम्मत कार्य शुरू कर दिया है।

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रामगढ़-तनोट सडक़ मार्ग पर मंगलवार रात आए अंधड़ से गिरा बिजली का खम्भा।

जैसलमेर. जैसलमेर शहर के साथ ग्रामीण इलाकों में गत मंगलवार रात को आए तेज अंधड़ और बारिश के चलते आमजन से जुड़ी व्यवस्थाओं के बाधित होने के हालात उत्पन्न हो गए हैं। जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में जगह-जगह बिजली के खम्भे और बिजली के टावर जमींदोज हो गए, इससे कई ग्रामीण क्षेत्रों में पूरी रात के बाद बुधवार को दिन भर बिजली आपूर्ति व्यवस्था सुचारू नहीं हो पाई। डिस्कॉम के आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि जिले के अलग-अलग इलाकों में कुल 1403 खम्भे क्षतिग्रस्त हो गए। इससे 112 गांवों में विद्युत आपूर्ति व्यवस्था ठप हो गई है। इनमें 33 केवी के 113 खम्भे, 11 केवी के 904 और एलटी लाइन के 386 खम्भे क्षतिग्रस्त हुए हैं। डिस्कॉम के अधिशासी अभियंता प्रदीप बारूपाल ने बताया कि शहर में गत रात को बारिश का दौर थमने के बाद प्राथमिकता से विद्युत आपूर्ति को बहाल कर दिया गया था। वहीं ग्रामीण इलाकों में सबसे ज्यादा नुकसान मोहनगढ़ और रामगढ़ क्षेत्र में हुआ है। वहां जल्द से जल्द व्यवस्था को पटरी पर लाने के लिए युद्धस्तर पर प्रयास किए जा रहे हैं। सीमावर्ती रामगढ़ से तनोट जाने वाले मार्ग पर बिजली का पोल गिर जाने से रात में आवाजाही बाधित हो गई थी।

पानी की आपूर्ति पर पड़ेगा असर

दूसरी ओर जिले के चांधन से भागू का गांव 132 केवी लाइन का टावर अंधड़ से धराशायी हो गया। इससे मोहनगढ़ स्थित बाड़मेर लिफ्ट परियोजना के हेडवक्र्स पर विद्युत आपूर्ति ठप हो गई। हालांकि बाद में इस हेडवक्र्स को राजवेस्ट की लाइन से जोड़ कर बिजली दी गई, लेकिन निर्धारित मात्रा से अधिक वॉल्टेज आने से पम्प मशीनरी नहीं चल सकी है। जलदाय विभाग के परियोजना खंड के सहायक अभियंता गोपालसिंह मीणा ने बताया कि मोहनगढ़ स्थित पम्प मशीनरी को 6.2 से 6.8 केवीए वॉल्टेज की आवश्यकता रहती है, जबकि मौजूदा समय में यह 7.2 से 7.3 केवीए तक बना हुआ है। जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग नगर उपखंड के सहायक अभियंता देवीलाल भील ने बताया कि मोहनगढ़ स्थित हेडवक्र्स पर विद्युत आपूर्ति निरंतर बाधित रहने से जैसलमेर शहर की पेयजल आपूर्ति व्यवस्था में 24 घंटे की बढ़ोतरी संभावित है। ऐसे में शहरवासियों से सीमित मात्रा में जल का उपयोग कर सहयोग देने की अपील की गई है।

सुल्ताना जीएसएस क्षतिग्रस्त, पेयजल संकट

मोहनगढ़. क्षेत्र में मंगलवार देर रात आए तेज रेतीले तूफान और बारिश ने मोहनगढ़ क्षेत्र की विद्युत व्यवस्था को ध्वस्त कर दिया। इसके चलते कस्बे और आसपास के ग्रामीण क्षेत्र पिछले 24 घंटे से अधिक समय से अंधेरे में डूबे हैं, जिससे आमजन को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। जानकारी के अनुसार, मंगलवार रात करीब साढ़े आठ बजे तेज आंधी और बारिश के दौरान बिजली आपूर्ति ठप हो गई, जो समाचार लिखे जाने तक बहाल नहीं हुई। तूफान से 132 केवी का एक टावर, 33 केवी लाइन के करीब 90 और 11 केवी लाइन के 300 से अधिक बिजली पोल गिर गए। सुल्ताना स्थित 33 केवी जीएसएस भी क्षतिग्रस्त हो गया। बिजली बाधित होने से पेयजल आपूर्ति, घरेलू कार्यों और व्यापारिक गतिविधियों पर भी असर पड़ा है।