आमजन की सुविधा और सुरक्षा के लिए यातायात बंदोबस्तों को पुख्ता बनाया जाना आवश्यक है।
तेजी से फैल रहे जैसलमेर शहर में पुलिस की तरफ से पिछले अर्से के दौरान यातायात व्यवस्था में कई सुधार किए गए। दूसरी तरफ आज भी ऐसे कई क्षेत्र हैं, जहां यातायात व्यवस्था में सुधार किए जाने की दरकार है। आमजन की सुविधा और सुरक्षा के लिए यातायात बंदोबस्तों को पुख्ता बनाया जाना आवश्यक है।
जैसलमेर का हनुमान चौराहा और उसके आसपास का बाजार क्षेत्र हमेशा भीड़भाड़ से भरा रहता है। यहां पार्किंग की समुचित व्यवस्था नहीं होने से चौड़ीसडक़ें भी संकरी हो जाती हैं। मल्टीलेवल पार्किंग का काम प्रताप मैदान में चल रहा है। तब तक निर्धारित पार्किंग स्थल पर ही वाहन खड़े हो, यह तय किया जाना आवश्यक है।
- दिलीपसिंह बरमसर
किले के आसपास की घुमावदार सडक़ों पर वाहनों का दबाव लगातार बढ़ रहा है। यहां गोल्फ कार्ट, तिपहिया और दोपहिया वाहनों के बीच समन्वय की कमी से हादसों की आशंका रहती है। साथ ही कई बार प्रतिबंधित गोपा चौक तक चार पहिया वाहन पहुंच जाते हैं।
- अनिलसिंह भाटी
गड़ीसर मार्ग और स्कूल क्षेत्रों में सुबह-दोपहर और शाम के समय ट्रैफिक जाम की समस्या आम है। यहां ट्रैफिक पुलिस की नियमित तैनाती, स्पीड ब्रेकर और स्कूल टाइम में विशेष निगरानी जरूरी है ताकि बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित हो सके। साथ ही आमजन को सुरक्षित आवाजाही की सुविधा मिले।
- गजेन्द्रगिरी
जैसलमेर के हनुमान चौराहा से लेकर गड़ीसर, एयरफोर्स, विजय स्तम्भ, पंचायत समिति आदि चौराहों पर वाहनों की आवाजाही बहुत अधिक रहती है, लेकिन ट्रैफिक सिग्नल नहीं हैं। यहां सिग्नल सिस्टम को लागू करने, रोड डिवाइडर और संकेतक बढ़ाने से यातायात सुगम बनाया जा सकता है।
- विशाल चूरा
जैसलमेर शहर में गर्मी का मौसम शुरू होते ही विद्युत व्यवधान और लम्बी कटौती का दौर शुरू हो गया है। इस विषय पर अपनी प्रतिक्रिया फोटो सहित निम्रनम्बर पर भिजवाएं - 9462246222
लाठी गांव के मुस्लिम मोहल्ले में ईदगाह के पास शुक्रवार देर रात लकडिय़ों के ढेर में भीषण आग लग गई। जिसे करीब दो घंटे की मशक्कत कर काबू किया गया। गांव में स्थित मुस्लिम मोहल्ले की ईदगाह के पास लकडिय़ों का ढेर रखा हुआ था। शुक्रवार की देर रात 1 बजे अचानक सूखी लकडिय़ों में आग लग गई। तेज हवा के कारण देखते ही देखते आग की लपटें ऊपर उठने लगी और सभी लकडिय़ां धूं-धूं कर जलने लगी। कुछ देर में आग ने विकराल रूप ले लिया। आग की लपटें व धुंआ देखकर ग्रामीणों में हड़कंप मच गया। गांव के युवा रबन, फारुख, याकूब खलीफा, फारुख टावरी, अनवरखां, अशोककुमार सहित ग्रामीण मौके पर एकत्रित हुए और पानी व रेत डालकर आग पर काबू करने का प्रयास किया। इसके बाद पानी के टैंकरों से करीब दो घंटे की मशक्कत कर आग पर काबू किया गया। ईदगाह के पास ही कई मकान स्थित है और घनी आबादी निवास करती है। यदि समय पर काबू नहीं किया जाता तो आग घरों तक भी फैल सकती थी। आग समय पर काबू हो जाने से बड़ा हादसा टल गया।