
जैसलमेर. तत्काल टिकट बनवाने वाले यात्रियों के लिए रेलवे ने नई और अधिक व्यवस्थित व्यवस्था लागू की है। उत्तर पश्चिम रेलवे के जोधपुर मंडल ने सभी आरक्षण केंद्रों पर टोकन एवं कतार प्रबंधन प्रणाली शुरू कर दी है। नई व्यवस्था से तत्काल टिकट के लिए घंटों कतार में खड़े रहने की परेशानी कम होगी और टिकट बुकिंग प्रक्रिया अधिक पारदर्शी, सुचारु तथा यात्री-अनुकूल बनेगी।
सीनियर डीसीएम हितेश यादव ने बताया कि नई व्यवस्था के तहत प्रतिदिन सुबह 8 बजे से तत्काल टिकट के लिए टोकन वितरित किए जाएंगे। यात्रियों की टिकट बुकिंग टोकन क्रम के अनुसार होगी। इससे आरक्षण केंद्रों पर अनावश्यक भीड़, धक्का-मुक्की और अव्यवस्था पर नियंत्रण रहेगा। टोकन मिलने के बाद यात्रियों को अपनी निर्धारित बारी का इंतजार करना होगा, जिससे पूरी प्रक्रिया अनुशासित और सरल बनेगी। यात्रियों की बढ़ती संख्या को देखते हुए जोधपुर आरक्षण कार्यालय में तत्काल टिकट बुकिंग के काउंटर भी दोगुने कर दिए गए हैं। पहले जहां तीन काउंटर संचालित होते थे, वहीं अब छह काउंटरों पर तत्काल टिकट बुकिंग की सुविधा उपलब्ध रहेगी। इससे कम समय में अधिक यात्रियों को टिकट मिलने की संभावना बढ़ेगी और प्रतीक्षा अवधि भी घटेगी। नई व्यवस्था का सबसे अधिक लाभ वरिष्ठ नागरिकों, महिलाओं और दूर-दराज क्षेत्रों से आने वाले यात्रियों को मिलेगा। व्यवस्थित कतार प्रबंधन से आरक्षण केंद्रों पर अनावश्यक भीड़ कम होगी और यात्रियों को अधिक सहज एवं सुविधाजनक माहौल मिलेगा।
रेलवे ने यात्रियों से अपील की है कि वे सुबह निर्धारित समय पर टोकन प्राप्त करें और अपनी बारी आने पर ही काउंटर पर पहुंचें, ताकि टिकट बुकिंग व्यवस्था सुचारु रूप से संचालित हो सके।
-सुबह 8 बजे से तत्काल टिकट के लिए टोकन वितरण।
-जोधपुर मंडल के सभी आरक्षण केंद्रों पर टोकन प्रणाली लागू।
-जोधपुर आरक्षण कार्यालय में तत्काल टिकट काउंटर 3 से बढ़ाकर 6 किए गए।
-लंबी कतारों, धक्का-मुक्की और अव्यवस्था से मिलेगी राहत।
-टिकट बुकिंग प्रक्रिया अधिक पारदर्शी, तेज और व्यवस्थित बनेगी।
चांधन स्थित सहायक अभियंता कार्यालय के समक्ष सोमवार को चांधन किसान संघर्ष समिति के बैनर तले किसानों ने अपनी 17 सूत्रीय मांगों को लेकर धरना-प्रदर्शन किया। प्रदर्शन का मुख्य मुद्दा कृषि ट्यूबवेलों के लिए प्रतिदिन 6 घंटे निर्बाध विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित करना रहा। चांधन और आसपास के क्षेत्रों से सैकड़ों की संख्या में किसान इस आंदोलन में एकत्रित हुए और अपनी मांगों के समर्थन में जोरदार प्रदर्शन किया। किसानों का कहना था कि कृषि कार्यों के लिए पर्याप्त बिजली उपलब्ध कराना उनकी प्राथमिक आवश्यकता है। किसान संघर्ष समिति के सचिव जैतमाल सिंह भैरवा के नेतृत्व में यह प्रदर्शन आयोजित किया गया। धरने के बाद किसान प्रतिनिधियों और सहायक अभियंता के बीच करीब दो घंटे तक वार्ता चली।