जैसलमेर

टीम ओरण ने कहा, हमें प्रशासन का प्रस्ताव मंजूर नहीं, धरना जारी रहेगा

टीम ओरण के अगुआ सुमेरसिंह सांवता ने पत्रिका से कहा कि हमारी टीम ने प्रस्ताव का पूरा विश्लेषण कर लिया है।
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Sep 26, 2025
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ओरण-गोचर संरक्षण सहित अन्य मांगों को लेकर टीम ओरण के आह्वान पर निकाली गई जनाक्रोश रैली के बाद जिला प्रशासन और सत्ताधारी निर्वाचित जनप्रतिनिधियों के बीच हुई वार्ता के बाद प्रशासन की ओर से मांगों के संबंध में दिए गए प्रस्ताव को आंदोलनकारियों ने ठुकरा दिया है और कलेक्ट्रेट के सामने धरना जारी रखने की बात कही है। टीम ओरण के अगुआ सुमेरसिंह सांवता ने पत्रिका से कहा कि हमारी टीम ने प्रस्ताव का पूरा विश्लेषण कर लिया है। इससे साफ पता चलता है कि इसमें ठोस समाधान नहीं है केवल सरकार हमें राजी करने का प्रयास कर रही है। उन्होंने कहा कि आज जितनी बड़ी रैली निकाली गई है, आने वाले समय में इससे भी कहीं अधिक संख्या में लोग अपनी मांगों को लेकर सडक़ों पर उतरेंगे। इससे पहले धरना स्थल पर आमसभा के बाद पोकरण विधायक महंत प्रतापपुरी, जैसलमेर विधायक छोटूसिंह भाटी, महंत गोरखनाथ, जिला प्रमुख प्रतापसिंहआदि ने कलक्टर सहित अन्य प्रशासनिक अधिकारियों के साथ मुलाकात की और टीम ओरण की मांगों को लेकर विचार विमर्श किया।

एडीएम ने प्रस्तावों की दी जानकारी

जनप्रतिनिधियों और प्रशासन के बीच वार्ता के बाद धरनास्थल पर पहुंच कर शुरुआत में पोकरण विधायक महंत प्रतापपुरी ने बताया कि प्रशासन के साथ मुख्यमंत्री ने भी समय निकाल कर मांगों पर विचार विमर्श किया। उन्होंने कहा कि यह संघर्ष धैर्य के साथ किया जाना चाहिए। वहीं अतिरिक्त जिला कलक्टर परसराम सैनी ने लिखित में मानी गई मांगों के बारे में अवगत करवाया।

  • उन्होंने बताया कि जिले में ओरण भूमियों चिन्हीकरण के लिए एसडीएम के साथ तहसीलदार, सहायक वन संरक्षक और क्षेत्रीय वन संरक्षक की समिति बनाई जाएगी। यह समिति टीम ओरण के साथ गांवों में जाकर ओरण जमीनों का पता लगाएगी और उसके अनुसार वह राजस्व रिकॉर्ड में दर्ज होगी।
  • जो फाइलें पेंडिंग हैं, उसमें से 6480 बीघा भूमि के प्रस्ताव सरकार को भिजवाए गए हैं, जो राजस्व रिकॉर्ड में दर्ज होनी तय है।
  • तालाब-नदी के आगोर को राजस्व रिकॉर्ड में जोडऩे के लिए कवायद एक साल से चल रही है। ऐसी 59512 बीघा जमीन गांवों में पाई गई है और शहरी क्षेत्र व आसपास के इलाकों में ऐसी 20 हजार बीघा से ज्यादा जमीन को राजस्व रिकॉर्ड में दर्ज करवाया जाएगा।
  • गोचर भूमि के निर्धारित नॉम्र्स के अनुसार उनका राजस्व रिकॉर्ड में अंकन करने के निर्देश एसडीएम को दि गए हैं।
  • गत दिनों फतेहगढ़ और रामगढ़ क्षेत्र में जो जमीनें उद्योगों को देने का प्रस्ताव है, पहले वहां का मौके पर सत्यापन करवाया जाएगा।
Updated on:
26 Sept 2025 09:15 pm
Published on:
26 Sept 2025 09:15 pm