स्वायत्त शासन विभाग के प्रमुख शसन सचिव जैसलमेर नगरपरिषद के अधिकारियों पर बरसे- टाउन हॉल पर करोड़ों बर्बाद कर रहे हो, लोगों के लिए शौचालय क्यों नहीं बन
जैसलमेर . टाउन हॉल पर 12-13 करोड़ रुपए बेमतलब खर्च कर दिए, लेकिन जैसलमेर में लोगों व सैलानियों की सुविधा के लिए सार्वजनिक शौचालय नहीं बनवा रहे हो...आपको तो शर्म नहीं आती, अगली बार बैठक में हमें फिर शर्मिंदा होना पड़ेगा। कुछ इस अंदाज में स्वायत्त शासन विभाग के प्रमुख शासन सचिव मंजीतसिंह सोमवार को जैसलमेर नगरपरिषद के आयुक्त पर बरसे। मंजीत सिंह ने जैसलमेर कलेक्ट्रेट में जैसलमेर और बाड़मेर जिलों के स्थानीय निकायों की मैराथन बैठक ली। इस अवसर पर जैसलमेर परिषद की सभापति कविता खत्री के साथ आयुक्त झब्बरसिंह चौहान, पोकरण नगरपालिका के अधिशासी अधिकारी, बाड़मेर व बालोतरा स्थानीय निकायों के अधिकारियों के साथ जोधपुर व जयपुर से आए स्थानीय निकाय विभाग के अधिकारी उपस्थित थे।
संसाधनों की कमी नहीं, इच्छाशक्ति चाहिए
बैठक में मंजीत सिंह ने जैसलमेर के पर्यटन महत्व के मद्देनजर यहां साफ-सफाई व्यवस्था को सुचारू बनाने के साथ आवारा पशुओं की समस्या के समाधान पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि स्थानीय निकायों के पास अनेक योजनाओं में पर्याप्त धनराशि है, स्टाफ की भी कमी नहीं है। यह कार्य करने के लिए केवल इच्छाशक्ति चाहिए। सिंह ने जैसलमेर में आरयूआईडीपी की सीवरेज प्रणाली को सुचारू बनाने के साथ यहां पॉलीथिन पर सख्ती से प्रतिबंध लगाने तथा सडक़ों पर जहां-तहां खड़े रहने वाले ठेलों को व्यवस्थित ढंग से खड़ा करवाने के निर्देश दिए। उन्होंने काम नहीं करने वाले कार्मिकों की छुट्टी करने के निर्देष भी निकायों के अधिकारियों को दिए।
बताया रैंकिंग का महत्व
इस अवसर पर प्रमुख शासन सचिव ने बताया कि अनेक कार्यों के आधार पर प्रत्येक स्थानीय निकाय को भारत सरकार के बनाए मापदंडों के अनुसार रैंकिंग दी जानी है। इसमें सफाई के साथ अन्य व्यवस्थाओं के अलग-अलग नम्बर हैं। उन्होंने जैसलमेर नगरपरिषद क्षेत्र को आगामी 31 दिसम्बर तक खुले में शौच से मुक्ति दिलाने के लिए प्रभावी प्रयास करने के निर्देश दिए। बैठक के बाद पत्रकारों से बातचीत में मंजीत सिंह ने बताया कि खुले में शौच से मुक्ति के मामले में राजस्थान की स्थिति देश भर में अच्छी है। वह अग्रणी राज्यों में शामिल है, वहीं स्वच्छ भारत मिशन में राजस्थान का स्थान अभी 14वां है। इसे सुधार कर आगामी समय में 5-6 नम्बर पर लाने के लिए प्रयास किए जा रहे हैं। बैठक में सिंह ने बारी-बारी से सभी निकायों के अधिकारियों से विभिन्न पहलुओं पर प्रगति के बारे में जानकारी ली।साथ ही अपने साथ आए अधिकारियों से कहा कि, वे चारों निकायों के अधिकारियों की श्रकाओं का समाधान करें।
नगरपरिषद करेगी दुर्ग को रोशन
जैसलमेर के सोनार दुर्ग के चारों तरफ लगी लाइटों को लेकर पर्यटन विभाग और नगरपरिषद के बीच की खींचतान अब समाप्त हो जाएगी। प्रमुख शासन सचिव मंजीत सिंह ने निर्देष दिए कि, डिस्कॉम का बकाया बिल नगरपरिषद चुकाकर विद्युत आपूर्ति को शुरू करवाएगी और भविष्य में इन लाइटों को जैसलमेर शहर की रोड लाइटों के साथ शामिल मानते हुए नगरपरिषद ही इसका खर्च वहन करेगी। अब तक का बकाया बिजली बिल की राशि आने वाले दिनों में पर्यटन विभाग नगरपरिषद को चुका देगा। इसके बाद वह सोनार दुर्ग की लाइटों को चलाने के दायित्व से मुक्त हो जाएगा। गौरतलब है कि वर्तमान में इन लाइटों का रख - रखाव नगरपरिषद करती है, जबकि पर्यटन विभाग बिजली का बिल अदा करता है। इस पर आए दिन दोनों विभागों के बीच टकराव की नौबत आती रहती है।समय पर बिल राशि अदा नहीं करने पर डिस्कॉम कई बार इसका कनेक्शन काट चुका है,जिससे सोनार दुर्ग अंधेरे में डूब जाता है।