हवन की पूर्णाहुति, चिंतामणी बालाजी मंदिर में किया पाहळ
पोकरण. क्षेत्र के खेतोलाई गांव में स्थित बालाजी मंदिर में प्रतिमा की प्राण प्रतिष्ठा के बाद सोमवार को कई धार्मिक अनुष्ठानों का आयोजन किया गया। रविवार रात यहां जागरण आयोजित किया गया। जैसला के महंत रामाचार्य व अन्य संतों की ओर से रातभर भजनों की प्रस्तुतियों के साथ प्रवचन दिए गए। उन्होंने धर्म के मार्ग पर चलकर सत्य का साथ देने की बात कही। सोमवार को सुबह मंदिर में विशेष पूजा-अर्चना की गई। स्वामी शिवज्योतिषानंद महाराज के सानिध्य में मंदिर में गायत्री मंत्र का जप कर यज्ञ में आहुतियां दी गई। सरपंच सुशीला विश्रोई, रामरतन, नाथूराम, मांगीलाल अज्ञात, अर्जुनराम विश्रोई, भंवरुराम गोदारा, भींयाराम, जोराराम, गोरधनराम, मांगीलाल विश्रोई, सुआ व धापू सहित ग्रामीणों ने यज्ञ में अपनी ओर से आहुतियां दी। संत नारायणदास की ओर से गुरु जम्भेश्वर भगवान के 120 शब्दों का पाठ कर पाहळ किया गया तथा श्रद्धालुओं को प्रसादी का वितरण किया गया। स्वामी शिवज्योतिषानंद महाराज ने बालाजी मंदिर को चिंतामणि बालाजी का नाम दिया। विश्रोई विश्रोई ने धन्यवाद ज्ञापित किया।