विश्व प्रसिद्ध पर्यटन नगरी जैसलमेर की पहचान उसकी स्वर्णिम आभा, भव्य हवेलियों और ऐतिहासिक धरोहरों से है, लेकिन इन दिनों शहर की लचर सफाई व्यवस्था ने इस चमक पर गहरा दाग लगा दिया है। देश-विदेश से भ्रमण पर आने वाले सैलानी यहां की गंदगी देखकर निराश नजर आ रहे हैं।
विश्व प्रसिद्ध पर्यटन नगरी जैसलमेर की पहचान उसकी स्वर्णिम आभा, भव्य हवेलियों और ऐतिहासिक धरोहरों से है, लेकिन इन दिनों शहर की लचर सफाई व्यवस्था ने इस चमक पर गहरा दाग लगा दिया है। देश-विदेश से भ्रमण पर आने वाले सैलानी यहां की गंदगी देखकर निराश नजर आ रहे हैं। पर्यटन सीजन के बावजूद शहर के प्रमुख स्थलों और बाजारों में जगह-जगह फैला कचरा प्रशासनिक दावों की पोल खोल रहा है। विश्व धरोहर की सूची में शामिल जैसलमेर दुर्ग के आसपास सहित अन्य प्रमुख स्थलों की गलियों में प्लास्टिक, बोतलें और खाद्य सामग्री के अवशेष खुलेआम पड़े दिखाई देते हैं। सुबह-शाम सफाई के दावे किए जाते हैं, लेकिन दिन भर हालात जस के तस नजर आते हैं।
गत दिनों दुर्ग क्षेत्र में घूमने आए एनआरआइ सैलानियों ने शहर की डगमगाई साफ-सफाई व्यवस्था और अन्य अव्यवस्थओं को लेकर एक वीडियो में बेहद तल्ख स्वरों में अपनी बात कही। वह वीडियो खूब वायरल हुआ, लेकिन लगता है कि जिम्मेदारों तक नहीं पहुंचा। उनका साफ कहना था कि ऐतिहासिक धरोहर की भव्यता के साथ यह गंदगी मेल नहीं खाती। वे यहां की वास्तुकला और संस्कृति से प्रभावित होकर घूमने पहुंचे हैं, लेकिन सफाई व्यवस्था निराशाजनक है। ऐसा ही एक वीडियो और प्रसारित हुआ, जिसमें दीवान सालमसिंह की हवेली के पास रखे कचरा पात्र में अपशिष्ट को किसी ने आग लगा दी और उसका जहरीला धुआं पूरे वातावरण को विषाक्त बना रहा है। दिन के इस वीडियो में पीछे सैलानी खड़े नजर आते हैं।
जैसलमेर के तमाम प्रमुख स्थानों के अलावा गली-मोहल्लों में कचरे के ढेर व उनसे वातावरण में बदबू छाई रहती है। कई पर्यटकों की ओर से सोशल मीडिया पर तस्वीरें साझा कर व्यवस्था पर सवाल उठाए जाते हैं, जिससे शहर की छवि पर प्रतिकूल असर पड़ रहा है। स्थानीय व्यापारियों का भी कहना है कि सफाई की अनदेखी से पर्यटन व्यवसाय प्रभावित हो सकता है। होटल संचालकों के अनुसार सैलानी अक्सर कमरे में चेक-इन करते समय शहर की स्वच्छता को लेकर चर्चा करते हैं। उनका मानना है कि यदि समय रहते सुधार नहीं किया गया तो इसका सीधा असर बुकिंग और पर्यटकों की संख्या पर पड़ेगा।