
पोकरण. कस्बे के वार्ड संख्या तीन के एक युवक की ओर से लेनदेन से परेशान होकर आत्महत्या कर लिए जाने के बाद परिजनों व समाज के लोगों की ओर से दिया गया धरना लगातार 28 घंटे तक जारी रहा। प्रशासन व पुलिस के अधिकारियों की ओर से समझाइश कर तीन दिन में सभी आरोपियों की गिरफ्तारी का भरोसा दिलाए जाने के बाद धरना समाप्त कर शव उठाया गया। गौरतलब है कि कस्बे के वार्ड संख्या तीन निवासी राजेन्द्र उर्फ राजू पुत्र तेजाराम माली रविवार को घर से बिना बताए कहीं चला गया। उसने रीकॉ इंडस्ट्री एरिया के पीछे एक पेड़ से फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली। सोमवार को सुबह पुलिस व परिजनों ने शव बरामद किया। शव की जेब से पुलिस ने सुसाइड नोट बरामद किए। जिसमें कई लोगों से रुपए की लेनदेन का हिसाब लिखा हुआ था। साथ ही रुपए मांगने वालों पर परेशान करने का आरोप लगाते हुए उसने आत्महत्या कर ली। जिस पर मृतक के भाई की ओर से 11 जनों के विरुद्ध आत्महत्या के लिए प्रेरित करने का मामला भी पुलिस में दर्ज करवाया गया।
28 घंटे तक चला धरना, दिया समर्थन
पुलिस ने शव को अस्पताल की मोर्चरी में रखवाया। इसके बाद परिजनों ने आरोपियों की तत्काल गिरफ्तारी की मांग को लेकर धरना शुरू कर दिया तथा शव उठाने से इनकार कर दिया। जिस पर प्रशासन व पुलिस के अधिकारियों की ओर से समझाइश की गई, लेकिन परिजन व समाज के लोग अपनी मांग पर अड़े रहे। धरने के दौरान पार्षद आईदान माली, मांगीलाल गहलोत, रमेश माली, खेताराम माली सहित समाज के कई लोग उपस्थित रहे। भाजपा नेता शैतानसिंह राठौड़ ने भी धरनास्थल पर पहुंचकर उनकी मांग का समर्थन किया। देर रात प्रतापपुरी सेवा समिति के मदन देवासी, पार्षद दिनेश व्यास, भाटीलाल शर्मा सहित कई लोग धरनास्थल पर पहुंचे तथा समर्थन दिया।
तीन घंटे तक चली समझोतावार्ता
धरनास्थल पर मंगलवार को सुबह भीड़ जुटने लगी। भाजपा नेता महंत प्रतापपुरी महाराज, सांगसिंह भाटी, नगरपालिका अध्यक्ष मनीष पुरोहित, नेता प्रतिपक्ष नारायणलाल रंगा, जुगलकिशोर व्यास, आरएलपी अल्पसंख्यक प्रकोष्ठ के प्रदेशाध्यक्ष रऊफखां मेहर सहित बड़ी संख्या में लोग उपस्थित रहे। प्रशासन की तरफ से उपखंड अधिकारी राजेश विश्रोई, पुलिस उपाधीक्षक मोटाराम गोदारा व थानाधिकारी माणकराम विश्रोई ने धरनार्थियों से बातचीत की। धरनार्थियों ने सभी आरोपियों को शीघ्र गिरफ्तार करने की मांग की। जिस पर पुलिस व प्रशासन के अधिकारियों ने तत्काल कार्रवाई करने व तीन दिन में सभी आरोपियों को गिरफ्तार करने का भरोसा दिलाया। जिस पर धरनार्थियों ने बताया कि यदि तीन दिन में आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं होती है, तो उनकी ओर से आंदोलन पुन: शुरू किया जाएगा। परिजनों व लोगों की सहमति के बाद शव का पोस्टमार्टम करवाकर परिजनों को सुपुर्द किया गया।