देश-दुनिया में पर्यटन नगरी के नाम से मशहूर जैसलमेर में पानी की किल्लत की समस्या को अब विराम लग सकेगा। राजस्थान पत्रिका में प्रमुखता से प्रमुखता से मुद्दा उठाने के बाद यह सुखद सि्थति बनी है।
देश-दुनिया में पर्यटन नगरी के नाम से मशहूर जैसलमेर में पानी की किल्लत की समस्या को अब विराम लग सकेगा। राजस्थान पत्रिका में प्रमुखता से प्रमुखता से मुद्दा उठाने के बाद यह सुखद सि्थति बनी है। राज्य सरकार ने जैसलमेर की जलापूर्ति व्यवस्था में व्यापक सुधार के लिए 196 करोड़ रुपए की बड़ी योजना को बजट के माध्यम से स्वीकृति दे दी है। दूसरी तरफ शहर के अन्य प्रमुख जलस्रोत क्षेत्रों डाबला और गजरूपसागर में नए ट्यूबवेल खोदने की प्रक्रिया भी तेज कर दी गई है। गौरतलब है कि पिछले कई महीनों से शहर और आसपास के ग्रामीण इलाकों में पेयजल संकट गहराता रहा है। जैसलमेर की अपनी आबादी करीब एक लाख तक है, इसके साथ यहां भ्रमण पर आने वाले पर्यटक लाखों की संख्या में होते हैं। अनियमित सप्लाई, कम प्रेशर और कई वार्डों में दिनों-दिन सूखे नलों की समस्या को लेकर आमजन में रोष था। पत्रिका ने इस मुद्दे को गंभीरता से उठाते हुए जमीनी हकीकत को प्रमुखता से प्रकाशित किया। इसके बाद जनप्रतिनिधियों और प्रशासन ने सक्रियता दिखाई और राज्य सरकार स्तर पर प्रस्ताव को मंजूरी मिल गई।
स्वीकृत 196 करोड़ रुपए की योजना के तहत पुरानी पाइपलाइन के समानांतर मोहनगढ़ हेडवक्र्स से गजरूपसागर तक नई पाइप लाइन बिछाने, उच्च जलाशयों की क्षमता बढ़ाने और पम्पिंग स्टेशनों के आधुनिकीकरण जैसे कार्य किए जाएंगे। अधिकारियों के अनुसार इस योजना से न केवल शहर बल्कि आसपास के कई ग्रामीण क्षेत्रों को भी स्थायी राहत मिलेगी। पीने का पर्याप्त पानी मिल सकेगा। इसमें 30 एमएलडी फिल्टर और डिग्गी का निर्माण भी करवाया जाएगा। जिससे आने वाले कुछ समय में जैसलमेर नगर की पेयजल व्यवस्था को सुचारू करने में सहायता मिलेगी। बजट में ही सरकार ने जैसलमेर सहित बाडमेर व बालोतरा के 851 गांवों में पेयजल उपलब्धता में सुधार के लिए बाडमेर लिफ्ट पेयजल परियोजना के मोहनगढ़ स्थित हेडवक्र्स पर सुदृढ़ीकरण के लिए 50 करोड़ रुपए का प्रावधान किया है।
इधर, समीपवर्ती डाबला और गजरूपसागर क्षेत्र में भूजल स्तर की संभावनाओं को देखते हुए नए ट्यूबवेल खोदने की कवायद तेज कर दी गई है। इसके तहत डाबला में 4 और गजरूपसागर में 5 ट्यूबवेल खुदेंगे। वर्तमान में डाबला से 13 ट्यूबवेल पानी दे रहे हैं। विशेषज्ञों की टीम ने प्रारंभिक जांच के बाद स्थलों का चिन्हांकन किया है। आधिकारिक सूत्रों ने दावा किया कि नए ट्यूबवेल चालू होने से मौजूदा जलापूर्ति पर दबाव कम होगा और सप्लाई चक्र में सुधार आएगा। दूसरी ओर शहरवासियों का कहना है कि गर्मी का मौसम शुरू होने से पहले यदि ये कार्य धरातल पर उतर जाते हैं तो बड़ी राहत मिल सकती है। व्यापारियों, होटल संचालकों और आमजन ने उम्मीद जताई है कि इस बार सिर्फ घोषणाओं तक बात सीमित नहीं रहेगी, बल्कि समयबद्ध क्रियान्वयन सुनिश्चित होगा। गौरतलब है कि पर्यटन नगरी होने के कारण यहां पानी की मांग सामान्य शहरों से अधिक रहती है। ऐसे में दीर्घकालिक और टिकाऊ समाधान की आवश्यकता लंबे समय से महसूस की जा रही थी।
राज्य सरकार ने 196 करोड़ की योजना को मंजूरी प्रदान कर दी है। इससे जैसलमेर की जलापूर्ति व्यवस्था में समस्या का स्थायी समाधान मिल जाएगा। डाबला व गजरूपसागर में नए नलकूप खोदे जा रहे हैं। साथ ही गर्मियों में समस्याग्रस्त क्षेत्रों में टैंकरों से जलापूर्ति की जाएगी।