पोकरण कस्बे के राजकीय जिला चिकित्सालय में विश्व सिजोफ्रेनिया दिवस पर जागरुकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया।
पोकरण कस्बे के राजकीय जिला चिकित्सालय में विश्व सिजोफ्रेनिया दिवस पर जागरुकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। राष्ट्रीय मानसिक स्वास्थ्य कार्यक्रम के जिला नॉडल अधिकारी एवं मनोरोग व नशामुक्ति विशेषज्ञ डॉ.जितेन्द्र नरानिया ने सिजोफ्रेनिया के कारण, लक्षण व उपचार के बारे में जानकारी दी। उन्होंने बताया कि प्रतिवर्ष 24 मई को विश्व सिजोफ्रेनिया दिवस मनाया जाता है, जिसका उद्देश्य इस मानसिक बीमारी को लेकर लोगों को जागरुक करना है। विश्व स्वास्थ्य संगठन के अनुसार सिजोफ्रेनिया युवाओं को अक्षमता की ओर ले जाने वाली गंभीर मानसिक बीमारियों में से एक है। उन्होंने बताया कि सिजोफ्रेनिया का कोई एक निश्चित कारण नहीं होता। यह अनुवांशिक, मनोवैज्ञानिक एवं पर्यावरणीय कारकों के सम्मिलन से उत्पन्न हो सकता है। यह बीमारी मस्तिष्क के कार्यों को प्रभावित करती है। जिससे व्यक्ति की सोचने, समझने और महसूस करने की क्षमता पर गहरा प्रभाव पड़ता है। रोगी वास्तविकता से संबंध खो बैठता है और सामान्य जीवन की जिम्मेदारियां निभाने में असमर्थ हो जाता है।