जैसलमेर

JAISALMER NEWS राजस्थान के इस अस्पताल में आपातकाल कक्ष को लगी लू, हो गए ऐसे हालात

पोकरण राजकीय अस्पताल के आपातकालीन कक्ष में नहीं है एसी व कूलर की व्यवस्था

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पोकरण. विधानसभा क्षेत्र केे सबसे बड़े स्थानीय राजकीय सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र में स्थित आपातकालीन कक्ष को भीषण गर्मी के मौसम में लू लग गई है। यहां एसी अथवा कूलर की कोई व्यवस्था नहीं होने के कारण आपातकाल के दौरान आने वाले मरीजों व घायलों को परेशानी हो रही है।गौरतलब है कि पोकरण व भणियाणा उपखण्ड क्षेत्र में मात्र एक पोकरण में 100 बैड का राजकीय सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र स्थित है। यहां करीब डेढ दर्जन चिकित्सक कार्यरत है। क्षेत्र में कहीं पर भी दुर्घटना होने पर घायलों तथा गंभीर बीमारी के मरीजों को आपातकाल में यहां लाया जाता है, लेकिन यहां भीषण गर्मी के मौसम में वातानुकूल व्यवस्था नहीं होने से उन्हें खासी परेशानी होती है।
कक्ष कर दिया बड़ा
अस्पताल के पूर्वी गेट के पास वर्षों पूर्व आपातकाल कक्ष स्थापित किया गया था। उस समय यह कक्ष छोटा था, लेकिन यहां एसी, कूलर सहित पंखों की पर्याप्त व्यवस्था थी। कक्ष छोटा होने के कारण दुर्घटना के दौरान आने वाले घायलों, मदद के लिए आने वाले सामाजिक कार्यकर्ताओं के अलावा चिकित्सकों व नर्सिंग स्टाफ को यहां खड़े रहने में भी मुश्किल हो रही थी। ऐसे में घायलों का समय पर सही उपचार नहीं हो पाता था। इसी को लेकर चिकित्सालय प्रशासन की ओर से कक्ष को बड़ा करवाया गया। पास स्थित एक अन्य कमरे व दीवारो को हटाकर कक्ष बड़ा कर दिया गया तथा यहां पर्याप्त संख्या में स्ट्रेचर व अन्य सामग्री रखी गई, ताकि दुर्घटना के दौरान आने वाले घायलों को समय पर सही उपचार मिल सके।
कूलर व एसी की नहीं की व्यवस्था
कक्ष बड़ा करने के बाद यहां उपचार संबंधी सभी उपकरण व दवाईयां रख दी गई, लेकिन अनुकूल वातावरण की व्यवस्था नहीं होने के कारण घायलों व मरीजों को खासी परेशानी होती है। यहां न तो एयर कंडिशनर लगा हुआ है, न ही कूलर। ऐसे में अधिक घायलों व मरीजों के आने के दौरान सामाजिक कार्यकर्ताओं, चिकित्सकों व पुलिस की भीड़ के दौरान नमी व घुटन का माहौल हो जाता है। ऐसे में चिकित्सकों के लिए उपचार करना तथा घायलों व मरीजों के लिए खड़े रह पाना भी मुश्किल हो जाता है। आपातकाल कक्ष में मात्र आठ पंखें लगे हुए है, जो भीषण गर्मी के दौरान गर्म हवा देते है।
दो हाई-वे होने से बढ रही है दुर्घटनाओं की संख्या
गौरतलब है कि पोकरण के पास से दो राष्ट्रीय राजमार्ग निकलते है। राष्ट्रीय राजमार्ग संख्या 125 पर लवां, डेडिया, राजमार्ग संख्या 11 पर रामदेवरा, सरणायत, चाचा, खेतोलाई, धोलिया, लाठी, फलसूण्ड रोड पर ऊजला, माड़वा, भणियाणा तथा सांकड़ा रोड पर केलावा, नानणियाई, भैंसड़ा गांव आदि दुर्घटना के मुख्य स्थल है। यहां आए दिन दुर्घटनाएं होती रहती है तथा घायलों को पोकरण अस्पताल लाया जाता है। इसके अलावा क्षेत्र के रामदेवरा गांव में वर्ष में एक बार ***** मेला आयोजित होता है। एक माह की अवधि में यहां दो दर्जन से अधिक दुर्घटनाएं होती है। इस दौरान घायलों को पोकरण अस्पताल लाने पर स्थानीय सामाजिक कार्यकर्ताओं की भीड़ भी उनकी मदद में जुट जाती है। ऐसे में आपातकाल कक्ष में भीषण गर्मी केे दौरान खड़े रहना भी मुश्किल हो जाता है तथा मरीजों व घायलोंं का बेहाल हो जाता है। बावजूद इसके अस्पताल प्रशासन की ओर से यहां एसी, कूलर की व्यवस्था करने को लेकर कोई कार्रवाई नहीं की जा रही है।

IMAGE CREDIT: pokaran hospital

फैक्ट फाइल:-
- 2 उपखण्ड के बीच स्थित है बड़ा राजकीय अस्पताल
- 100 बैड का अस्पताल है पोकरण का राजकीय सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र
- 500 से अधिक मरीज प्रतिदिन आते है उपचार करवाने
- 15 से अधिक दुर्घटनाएं होती है क्षेत्र में प्रतिमाह
- 24 से अधिक दुर्घटनाएं होती है मेले के दौरान
- 1 आपातकाल कक्ष है अस्पताल में
- 8 पंखे देते है आपातकाल में गर्म हवा

Published on:
24 May 2018 04:30 pm