जैसलमेर

JAISALMER NEWS- इन्होंने लिया रेगिस्तान को नखलिस्तान बनाने का संकल्प और फिर कर दिखाया यह करिश्मा

2.40 लाख पौधे लगाने का लक्ष्य, अब तक लगाए 1.61 पौधे

2 min read
patrika news

-128वीं पैदल वाहिनी ने उठाया पर्यावरण संरक्षण का बीड़ा
मोहनगढ़(जैसलमेर). देश की सुरक्षा के लिए सीमाओं पर हमारी सेना देश के दुश्मनों से लोहा लेने के लिए सतर्क है, वहीं पर्यावरण संरक्षण को लेकर भी एक बटालियन रेगिस्तान में रेगिस्तान को नखलिस्तान बनाने के अभियान में जुटी हुई है। पर्यावरण संरक्षण का संकल्प लिए 128वीं पैदल वाहिनी (प्रादेशिक सेना) पर्यावरण राजरिफ ने रेत के धोरों पर भी हरियाली बिछा दी है। जहां कभी पेड़ देखने को नहीं मिल रहा था, वहां दूर-दूर तक हरा भरा क्षेत्र देखने को मिल रहा है। भीषण गर्मी हो या सर्दी, बटालियन के जवान हर समय पौधों की देखभाल में जुटे रहते है।
17809 हेक्टेयर भूमि पर पौधरोपण
मोहनगढ़ के रेतीले धोरों पर हरियाली देखने को मिल रही है। बटालियन की ओर से अब तक 17809 हैक्टेयर भूमि पर 1 करोड़ 60 लाख 71 हजार पौधों का रोपण किया जा चुका है। इसके लिए 128वीं पैदल वाहिनी (प्रा.से.) पर्यावरण राज रिफ को जिला स्तरीय, राज्य स्तरीय तथा राष्ट्रीय स्तर के कई पुरस्कार प्रदान किए जा चुके है। अब तक 14 पुरस्कार इस बटालियन को प्राप्त हो चुके है। बटालियन के कार्यवाहक कमान अधिकारी कर्नल उमराव सिंह राठौड़ बताते हैं कि पौधों को पानी उपलब्ध करवाने के लिए कच्चे खालों से पानी कई किमी दूर तक ले जाया गया। इसी की बदौलत मोहनगढ़ क्षेत्र में 1,60,71,000 पौधों का रोपण हो पाया है। वर्ष 2018-19 में 300 हेक्टेयर रेगिस्तानी भूमि पर 2,40,000 पौधे लगाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। बटालियन ने मुख्यालय पर रोज गार्डन व फू्रट गार्डन भी विकसित किए हैं, जिसमें आम, किन्नु, निम्बू, आंवला, अमरूद, अनार, अंगूर, बेर आदि शामिल है।

IMAGE CREDIT: patrika

1997 से शुरू हुआ सफर
-128वीं पैदल वाहिनी (प्रा.से.) पर्यावरण राजरिफ की ओर से वर्ष 1997 में बीकानेर जिले में 10870 हैक्टेयर भूमि पर पौधरोपण किया।
-बीकानेर की मरू भूमि का हरा भरा बनाने के बाद जैसलमेर जिले का भी जिम्मा भी इसी बटालियन को मिला।
-जैसलमेर के मोहनगढ़ क्षेत्र में ही 1997 से 128वीं पैदल वाहिनी (प्रा.से.) पर्यावरण राज रिफ द्वारा अपना कार्य करना शुरू किया।
-मोहनगढ़, हमीरनाडा, पनोधर मंदिर क्षेत्र में अब तक 17809 हैक्टेयर में पौधरोपण किया जा चुका है।


मिले कई पुरस्कार
पर्यावरण संरक्षण के लिए 128वीं पैदल वाहिनी (प्रा.से.) पर्यावरण राज रिफ द्वारा किए गए सराहनीय कार्यों के लिए कई राष्ट्रीय स्तर के पुरस्कार प्रदान किए जा चुके है। जिसमें 1989 में इंदिरा प्रियदर्शिनी वृक्षमित्र पुरस्कार, 1999-2000 में निसर्ग मित्र पुरस्कार, 2000-2001 में महाराणा उदय सिंह मेवाड़ पुरस्कार, 2002-2003 में महारानी मरूधर कंवर पुरस्कार, 2003 में पर्यावरण संरक्षण एवं मरु विकास विशेष पुरस्कार, 2008, 2009, 2016 में जिला स्तरीय गणतंत्र दिवस समारोह में प्रसंस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया। इसके अलावा पर्यावरण प्रदर्शनी ट्रॉफी 2010-11, माई अर्थ माई ड्यूटी जी टीवी अवार्ड 2011, इंदिरा गांधी पर्यावरण पुरस्कार 2011, मेहराणगढ़ पहाड़ी पर्यावरण पुरस्कार 2016, बेस्ट झांकी अवार्ड प्रादेषिक सेना दिवस परेड 2016 तथा 2018 में अर्थ केयर अवार्ड प्रदान किया गया।

IMAGE CREDIT: patrika

ये भी पढ़ें

JAISALMER NEWS- रेगिस्तान की इस बड़ी मंडी में खरीद केन्द्र बंद होने से किसानों में रोष, उठायेंगे यह बड़ा कदम
Published on:
05 Jun 2018 11:55 am
Also Read
View All