पोकरण कस्बे में जोधपुर रोड पर स्थित केन्द्रीय बस स्टैंड के सामने दोपहर करीब 12 बजे उस समय अफरातफरी की स्थिति बन गई, जब फलसूंड से पोकरण पहुंची एक निजी बस के साइलेंसर में आई तकनीकी खराबी के कारण काला घना धुंआ निकलने लगा।
पोकरण कस्बे में जोधपुर रोड पर स्थित केन्द्रीय बस स्टैंड के सामने दोपहर करीब 12 बजे उस समय अफरातफरी की स्थिति बन गई, जब फलसूंड से पोकरण पहुंची एक निजी बस के साइलेंसर में आई तकनीकी खराबी के कारण काला घना धुंआ निकलने लगा।
चालक की ओर से सड़क पर ही बस को खड़ा कर दिया गया और धुंआ बस के अंदर फैलने से आग की आशंका के चलते यात्रियों में हड़कंप मच गया। आग नहीं लगने की जानकारी होने पर यात्रियों ने राहत की सांस ली। पोकरण-फलसूंड के बीच संचालित होने वाली एक निजी यात्री बस रविवार को 11.55 बजे पोकरण पहुंची। यहां जोधपुर रोड पर बस स्टैंड से 10 कदम दूर जब बस धीरे होकर स्टैंड में जाने के लिए डिवाइडर से घूम रही थी, इसी दौरान अचानक साइलेंसर से घना काला धुंआ निकलने लगा। बस चालक ने तत्काल बस को बीच सड़क ही रोक दिया और परिचालक ने नीचे उतरकर देखा तो किसी तकनीकी खराबी के कारण साइलेंसर से धुंआ निकल रहा था।
कस्बे में रविवार को तेज हवा चल रही थी। ऐसे में बस रुकते ही हवा के कारण साइलेंसर से निकला धुंआ बस में भर गया। बस यात्रियों से खचाखच भरी हुई थी। जिनमें महिलाएं व बच्चे भी शामिल थे। धुंआ भरते ही यात्रियों में आग की आशंका से अफरा-तफरी मच गई। महिलाएं व बच्चों सहित सभी यात्री आग-आग चिल्लाते हुए उतरने के लिए भागने लगे। जिससे हड़कंप मच गया।
यात्रियों में मचे हड़कंप और महिलाओं व बच्चों के चिल्लाने की आवाज सुनकर आसपास दुकानों से बड़ी संख्या में लोगों ने बस को घेर लिया। लोगों ने तत्काल महिलाओं व बच्चों को बाहर निकालने में सहायता की। साथ ही उन्हें शांत किया कि बस में आग नहीं लगी है, केवल साइलेंसर से निकला धुंआ ही भरा है। आग की आशंका के कारण कई महिलाओं व बच्चों में भय इस प्रकार हो गया कि वे रोने-चीखने लगे। आस पडोस से एकत्रित हुए लोगों ने यात्रियों को पानी पिलाया और उन्हें शांत किया।
जब यह घटना हो रही थी, उस समय पुलिस की गाड़ी भी यहां पहुंची। उसमें सवार सहायक उपनिरीक्षक व दो कांस्टेबलों ने अपनी गाड़ी को धीरे किया और चलती गाड़ी से ही लोगों को पूछा क्या हुआ, लेकिन पुलिस ने रुकने व सहायता करने की कोई जहमत नहीं उठाई। यही नहीं मौके पर लगा लंबा जाम भी खुलने और अन्य वाहनों को निकलने में करीब आधे घंटे का समय लग गया, लेकिन पुलिस मूकदर्शक बनी रही। इस प्रकार की असंवेदनशीलता और लापरवाही की लोगों ने रोष जताया।
गौरतलब है कि गत वर्ष में जैसलमेर के पास एक निजी यात्री बस में आग लगने से 29 लोगों की मौत हो गई थी। गत 13 मार्च को भी जैसलमेर से अहमदाबाद जा रही एक निजी बस में आग लगने से एक यात्री की मौत हो गई। इसके अलावा बीते दिनों देशभर में बस में आग की घटनाएं हुई है। ऐसे में साइलेंसर से निकले घने काले धुएं के बस में भरने से यात्रियों में आग को लेकर हड़कंप मच गया। विशेष रूप से महिलाओं व बच्चों में भय नजर आया।