- एक-एक वोट की बढ़ी अहमियत- दो पंचायत समितियों में होगा चुनाव
जैसलमेर. जिले में पंचायतीराज चुनावों के तीसरे चरण के तहत मंगलवार को जैसलमेर और फतेहगढ़ पंचायत समिति क्षेत्रों में मतदान होगा। इसके लिए दोनों प्रमुख पार्टियों कांग्रेस और भाजपा के साथ कई जगहों पर निर्दलीय उम्मीदवारों ने स्वयं को झोंक रखा है। दोनों पंचायत समितियों में 15-15 वार्डों के साथ जिला परिषद के चार वार्डों के लिए वोट पड़ेंगे। जैसलमेर समिति का चुनाव विशेष रूप से रोचक हो गया है, क्योंकि यहां फकीर परिवार के चार सदस्यों सहित कुल आठ समर्थित प्रत्याशी कांग्रेस से बागी होकर मैदान में डटे हुए हैं।
कांग्रेस को बिखराव का खतरा
जैसलमेर समिति में कांग्रेस को मतों के बिखराव का सबसे बड़ा खतरा है। विशेषकर मुस्लिम बाहुल्य वाले गांवों व पंचायतों में फकीर परिवार की बगावत का सीधा असर देखने को मिल रहा है। परिणामों पर इस बगावत का कितना असर होगा, यह तो आगामी 8 दिसम्बर को मतगणना के बाद ही पता चल सकेगा। इतना तय है कि फकीर परिवार की बगावत से परिणामों में उलटफेर भरपूर होगा। यही वजह है कि पंचायत समिति के साथ जिला परिषद के कुछ वार्डों में भाजपा को अपने लिए अवसर नजर आने लगा है। फतेहगढ़ समिति में भी कुछ वार्डों में निर्दलीय मुकाबले को त्रिकोणीय बनाने की कोशिश कर रहे हैं।
वोट डलवाने पर दारोमदार
तीसरे चरण में भी जीत का सेहरा उसके सिर बंधेगा, जो अपने समर्थक मतों को बूथों तक पहुंचाने में सफल होगा। यही कारण है कि सभी उम्मीदवार एक-एक वोट के लिए जद्दोजहद कर रहे हैं। कांग्रेस की तरफ से प्रचार का जिम्मा मुख्य तौर पर विधायक रूपाराम मेघवाल और उनके परिवार के अन्य सदस्यों ने संभाल रखा है। दूसरी ओर केबिनेट मंत्री शाले मोहम्मद गांवों में पहुंचकर सीधे वोट की अपील करने की बजाए ग्रामीणों से मेल-मुलाकात कर रहे हैं। भाजपा की तरफ से स्वामी प्रतापपुरी के नेतृत्व में पूर्व विधायकों सांगसिंह भाटी व छोटूसिंह भाटी के अलावा संगठन से जुड़े पदाधिकारी व कार्यकर्ता ग्रामीण क्षेत्रों का लगातार भ्रमण कर रहे हैं। पार्टी अब तक दो केंद्रीय मंत्रियों गजेंद्रसिंह शेखावत व कैलाश चैधरी के साथ राज्यसभा सांसद राजेंद्र गहलोत, विधायक जोगेश्वर गर्ग आदि को यहां प्रचार के लिए बुला चुकी है। कांग्रेस का कोई बाहरी नेता जिले में प्रचार करने नहीं आया। संभवत: इसकी वजह जिले के जैसलमेर विधानसभा क्षेत्र में फकीर परिवार की बगावत है। पार्टी के बड़े नेता खुले में चल रही कलह से दूर रहना चाहते हैं। चौथा और अंतिम चरण आगामी 5 दिसम्बर को होगा। उस दिन अकेली सम पंचायत समिति में चुनाव होना है।