
रामसरोवर के आगोर में ग्राम पंचायत उड़ेल रही गंदगी!
रामदेवरा. पवित्र रामसरोवर तालाब के आगोर में ग्राम पंचायत कस्बे की गंदगी उडेल रही है। कस्बे की सफाई के बाद जमा कचरा बहाव क्षेत्र में डाला जा रहा है। ऐसे में बारिश के दौरान यह पानी के साथ बहकर तालाब को भी गंदा कर देगी। देशभर से पहुंचने वाले श्रद्धालु इस तालाब में आस्था के साथ स्नान करते हैं, लेकिन तालाब की गंदगी से उनकी भावनाएं आहत हो सकती है।
गांव में प्रतिदिन सफाई के बाद सफाई कर्मचारी मलबा एकत्र कर टै्रक्टर ट्रोली से रामसरोवर तालाब के आगोर में फेंक देते हैं। इससे आसपास का वातावरण दूषित हो रहा है। कुछ वर्षों से लगातार मलबा सरोवर के पायतन में जमा हो रहा है। इसकी रोकथाम को लेकर समाधि समिति के पदाधिकारियों व ग्रामीणों ने ग्राम पंचायत के सफाई कर्मियों को गंदगी व मलबा गांव से दूर अन्यत्र डालने की मांग की थी। इस पर कुछ समय तक सफाई कर्मिकों ने कचरा गांव से दूर डाला, लेकिन अब फिर तालाब के आगोर में ही डालना शुरू कर दिया है।
कर्जमाफी की घोषणा का लाभ दिलाने की मांग
पोकरण. भाजपा जिलाध्यक्ष ने मुख्यमंत्री को एक ज्ञापन प्रेषित कर किसानों को बजट में प्रस्तावित किसान कर्ज माफी का लाभ दिलाने व कृषि भूमि सीमा में छूट दिलाने की मांग की है। जिलाध्यक्ष जुगलकिशोर व्यास ने ज्ञापन में बताया कि वर्ष 2018 -19 के प्रस्तावित बजट में 50 हजार रुपए तक के कर्ज माफी में कृषि भूमि सीमा आठ बीघा रखी गई है। जबकि यहां के किसानों के पास साधारणतया 50 बीघा से अधिक व नहरी क्षेत्र में 25 बीघा भूमि है। जिसके चलते इस कर्जमाफी के प्रस्ताव का जिले के किसानों को कोई लाभ नहीं मिलेगा। उन्होंने जिले के किसानों को इस घोषणा का लाभ दिलाने के लिए 60 बीघा कृषि भूमिधारी को कर्जमाफी करने की मांग की है। इसी प्रकार उन्होंने मुख्यमंत्री को प्रेषित दूसरे ज्ञापन में किसानों को कृषि कनेक्शन की फाइलों में आ रही अड़चनों को दूर कर निजात दिलाने की मांग की है।