ओरण-गोचर जमीनों को राजस्व रिकॉर्ड में दर्ज करवा कर उन्हें संरक्षित करने की मांग को लेकर शुक्रवार को जैसलमेर मुख्यालय पर निकाली गई जनाक्रोश रैली में हजारों की तादाद में जिलावासियों ने शिरकत की।
ओरण-गोचर जमीनों को राजस्व रिकॉर्ड में दर्ज करवा कर उन्हें संरक्षित करने की मांग को लेकर शुक्रवार को जैसलमेर मुख्यालय पर निकाली गई जनाक्रोश रैली में हजारों की तादाद में जिलावासियों ने शिरकत की। रैली में शामिल होने के लिए गांव-गांव से आए लोगों ने पर्यावरण बचाओ, ओरण बचाओ और गोचर बचाओ जैसे नारे लगा कर वातावरण को गुंजायमान कर दिया। गड़ीसर प्रोल स्थित सत्यदेव व्यास पार्क से दोपहर में शुरू हुई रैली शहर के मुख्य मार्गों से होते हुए कलेक्ट्रेट के सामने स्थित धरनास्थल पर पहुंची, जहां पिछले दिनों से लगातार धरना दिया जा रहा है। टीम ओरण की ओर से निकाली गई रैली का मार्ग में जगह-जगह पुष्पवर्षा कर स्वागत किया। शहर के ह्रदयस्थल गोपा चौक और गांधी चौक में रैली का अभिनंदन किया गया। रैली में शिव विधायक रविंद्रसिंह के साथ वाहन में ख्याला मठ के महंत गोरखनाथ, गजरूपसागर मठ के बाल भारती महाराज व अन्य संत सवार थे। इससे पहले सत्यदेव पार्क में यज्ञ का आयोजन किया गया, जिसमें टीम ओरण के प्रमुख लोगों ने आहुतियां दी।
रैली के मद्देनजर पुलिस प्रशासन की ओर से यातायात व्यवस्था के विशेष बंदोबस्त किए गए। पूरे हनुमान चौराहा व कलेक्ट्रेट क्षेत्र को सुबह से वाहनों की आवाजाही के लिहाज से सील किया गया। पुलिस ने बैरियर लगा कर जगह-जगह रास्तों को रोका। शहर भर में पुलिस का कड़ा पहरा बैठाया गया। कई दुकानदारों ने रैली के मद्देनजर अपने प्रतिष्ठान सुबह से दोपहर तक नहीं खोले। हालांकि रैली पूर्णतया शांतिपूर्वक ढंग से संपन्न हो गई। जिस पर पुलिस प्रशासन ने राहत की सांस ली।
आक्रोश रैली गुलासतला, आसनी पथ, गोपा चौक, सदर बाजार, कचहरी मार्ग, गांधी चौक से होते हुए हनुमान चौराहा और फिर धरना स्थल पर पहुंची। वहां रैली ने आमसभा का रूप ले लिया। आमसभा में महंत गोरखनाथ सहित अन्य साधु-संत, जैसलमेर विधायक छोटूसिंह भाटी, पोकरण विधायक महंत प्रतापपुरी, शिव विधायक रविंद्रसिंह भाटी, पूर्व राजघराने के चैतन्यराजसिंह, पूर्व विधायक सांगसिंह भाटी, पूर्व जिला प्रमुख अंजना मेघवाल, पूर्व प्रधान सुनीता भाटी, भाजपा नेता आईदानसिंह भाटी, बाल भारती महाराज, ओरण टीम के सुमेरसिंह सांवता, भोपालसिंह, कंवराजसिंह चौहान, पवन कुमार सिंह, सवाईसिंह देवड़ा, भी मौजूद रहे। वक्ताओं ने कहा कि ओरण और गोचर को बचाने की लड़ाई जिले की लड़ाई है और सभी इसमें बराबर के भागीदार है।