ऐतिहासिक सोनार दुर्ग में आगामी पर्यटन सीजन से पहले यातायात और सुरक्षा व्यवस्था को प्रभावी बनाने के लिहाज से अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक कैलाशदान जुगतावत ने दुर्गवासियों के साथ बैठक में विस्तार से विचार- विमर्श किया।
ऐतिहासिक सोनार दुर्ग में आगामी पर्यटन सीजन से पहले यातायात और सुरक्षा व्यवस्था को प्रभावी बनाने के लिहाज से अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक कैलाशदान जुगतावत ने दुर्गवासियों के साथ बैठक में विस्तार से विचार- विमर्श किया। बैठक की अध्यक्षता पूर्व राजपरिवार सदस्य दुष्यंत सिंह ने की। इस अवसर पर दुर्ग की सुरक्षा व्यवस्था के लिहाज से रात्रि के समय पुलिस की गश्त लगाने का सुझाव दिया गया। जिस पर पुलिस प्रशासन ने सकारात्मक कदम उठाने का विश्वास दिलाया। इस मौके पर दुर्गवासियों ने किराए पर चलने वाले दुपहिया वाहनों का दुर्ग में निषेध करने की मांग उठाई। उन्होंने बताया कि पर्यटक ये वाहन लेकर दुर्ग में पहुंचते हैं और रास्तों से वाकिफ नहीं होने के कारण वहां की तंग गलियों में यातायात को बाधित कर देते हैं।
बैठक में दुर्ग पर तिपहिया वाहनों की आवाजाही निर्धारित समय में सुनिश्चित करने और इनमें ओवरलोडिंग पर सख्ती से पाबंदी लगाने की मांग भी रखी गई। दुर्गवासियों ने बताया कि टैक्सियों में क्षमता से कहीं अधिक सवारियों को बैठाए जाने से हर समय दुर्घटना का खतरा बना रहता है। इसी तरह से दुर्ग स्थित व्यावसायिक प्रतिष्ठानों में काम करने वाले व्यक्तियों का सत्यापन करवाने का भी सुझाव दिया गया। साथ ही दुर्ग स्थित लक्ष्मीनाथ मंदिर में दर्शनार्थ आने वाले श्रद्धालुओं के दुपहिया वाहनों को भी तरतीब से खड़ा करवाने का इंतजाम करवाने की मांग की। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक ने विश्वास दिलाया कि पुलिस इस ऐतिहासिक दुर्ग में व्यवस्थाओं को सुचारू बनाए रखने के लिए प्रतिबद्ध है। बैठक में यातायात प्रभारी निश्चल केवलिया के अलावा दुर्गवासी विमल गोपा, चंद्रशेखर श्रीपत, बसंत कुमार व्यास, ब्रजकिशोर व्यास, लवी टोडवाल, गिरिराज डावाणी, राजेन्द्र कुमार गोपा, मनीष व्यास आदि उपस्थित थे।